नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग की 63वीं छमाही बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई (IIT Bhilai) को ‘आरोहण पुरस्कार’ एवं श्रीमती रेशमा बानो को ‘विशिष्ट सेवा सम्मान’…
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग की 63वीं छमाही बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई (IIT Bhilai) को ‘आरोहण पुरस्कार’ एवं श्रीमती रेशमा बानो को ‘विशिष्ट सेवा सम्मान’
दिनांक 21.08.2026, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग की 63वीं छमाही बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई (IIT Bhilai) को राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रोत्साहन के लिए ‘आरोहण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान की श्रीमती रेशमा बानो को उनके उत्कृष्ट एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘विशिष्ट सेवा सम्मान’ प्रदान किया गया।
यह सम्मान संस्थान द्वारा राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने तथा राजभाषा संबंधी दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना के रूप में प्राप्त हुआ है।
यह उपलब्धि डॉ. महावीर शर्मा, सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विभाग एवं सदस्य राजभाषा प्रकोष्ठ, संस्थान के संयुक्त कुलसचिव एवं प्रभारी हिंदी अधिकारी और राजभाषा समिति के सदस्यों के सामूहिक परिश्रम का परिणाम हैं।
इस उपलब्धि पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं निदेशक, प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान संस्थान के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी प्रयोग न केवल कार्यालयीन कार्यों को अधिक सुगम बनाता है, बल्कि संस्थान और समाज के बीच संवाद को भी सशक्त करता है। उन्होंने संस्थान के सभी सदस्यों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
श्रीमती रेशमा बानो को प्राप्त ‘विशिष्ट सेवा सम्मान’ उनके समर्पण, कार्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता एवं संस्थान के प्रति उत्कृष्ट सेवाभाव की गौरवपूर्ण पहचान है। यह सम्मान उनके द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में प्रदर्शित निरंतर प्रतिबद्धता, अनुशासन, परिश्रम तथा उत्कृष्ट कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है।
राजभाषा समिति, राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश के मार्गदर्शन में राजभाषा हिंदी के संवर्धन एवं कार्यान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों एवं पहलों को प्रोत्साहित करता रहेगा।