- जिला संयोजक रिकेश सेन ने कहा- सेवा कार्यों को जनभागीदारी से व्यापक बनाना अभियान का उद्देश्य
भिलाई नगर, 12 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देश भर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत सेवा, सुशासन और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी सिलसिले में भिलाई जिला भाजपा की जिला स्तरीय कार्यशाला सुपेला स्थित एक निजी होटल में सम्पन्न हुई।
कार्यशाला में सेवा संकल्प अभियान के भिलाई जिला संयोजक एवं वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। मंच पर जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, महामंत्री मनीष अग्रवाल और सुषमा जेठानी भी मौजूद रहीं।
*17 सितंबर से शुरू होगा एक माह का अभियान*
कार्यशाला में बताया गया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के अंतर्गत सेवा कार्यों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन की अवधारणा को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
पार्टी की ओर से अभियान के लिए 12 प्रमुख कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। इनमें आशीर्वाद का दिया, मेरे सपनों का भारत, नमो सेवा-अनकही कहानियां, आंगन मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा ज्योति कलश यात्रा, वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा, सेवा नेत्र योजना, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग-राष्ट्र के संग, सेवा फोर्ट इनोवेशन चैलेंज और सुशासन सेवा संवाद शामिल हैं।
*स्कूलों से लेकर गांवों तक होगी जनभागीदारी*
कार्यशाला में बताया गया कि मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत की कल्पना और देश के भविष्य से जोड़ने का प्रयास होगा। वहीं नमो सेवा-अनकही कहानियां के तहत सेवा कार्यों की प्रेरक कहानियों को सामने लाया जाएगा। सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से भी लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी गतिविधियों, महिलाओं और बच्चों तक सेवा कार्यों की पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा।
इसी तरह सेवा ज्योति कलश यात्रा के माध्यम से युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़ने की योजना है। वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा’ अभियान का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके लिए यात्रा मार्ग, पड़ाव, स्वागत तथा स्थानीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारियां तय करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में बताया गया कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों और संगठन के कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
*सेवा नेत्र योजना में जरूरतमंदों तक पहुंचने की तैयारी*
सेवा नेत्र योजना के तहत जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य एवं नेत्र संबंधी सेवाओं को पहुंचाने की योजना है। इसके लिए पात्र हितग्राहियों की पहचान से लेकर शिविरों के आयोजन और स्थानीय स्तर पर समन्वय की व्यवस्था पर चर्चा हुई। वहीं सेवा सेतु अभियान के माध्यम से नागरिकों और संभावित लाभार्थियों को विभिन्न सेवा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर रहेगा। कार्यशाला में कार्यकर्ताओं से पात्र लोगों तक पहुंच बनाने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने का आह्वान किया गया।
*नवाचार और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच*
अभियान में सेवा फोर्ट इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स की पहचान करने की योजना है। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और युवा संगठनों के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ग्रासरूट स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने पर भी जोर दिया गया।
*सुशासन सेवा संवाद में पंचायत स्तर तक पहुंचेगा अभियान*
अभियान के अंतिम चरण में सुशासन सेवा संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर संवाद होगा। पंचायत स्तर तक जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रूपरेखा भी बताई गई।
*सरकारी तंत्र और संगठन के बीच समन्वय पर विशेष जोर*
कार्यशाला में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शासन और संगठन की भूमिका को भी विस्तार से समझाया गया। सरकारी विभागों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी और सेवा गतिविधियों को आम लोगों तक पहुंचाने तथा संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं, लाभार्थियों और स्थानीय जनभागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
विधायक रिकेश सेन ने कार्यकर्ताओं से अभियान को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए जरूरतमंद व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का माध्यम बनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों में अधिक से अधिक नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्यशाला में जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों को अभियान की गतिविधियों के लिए जिम्मेदारियां सौंपने तथा प्रत्येक कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग को व्यवस्थित रखने पर भी चर्चा की गई।






