दधीचि प्रशिक्षण हॉल, प्रशासनिक भवन, पुलिस लाइन दुर्ग में एसटीएफ के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सतर्कता संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।*
▪️ *प्रशिक्षण में वर्तमान समय में सामने आ रहे साइबर अपराधों के तरीकों, ऑनलाइन ठगी के स्वरूप तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।*
▪️ *अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत एवं कार्रवाई के लिए उपलब्ध तकनीकी तथा कानूनी माध्यमों की जानकारी प्रदान की गई।*
▪️ *कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को लेकर व्यक्तिगत सतर्कता के साथ परिवार एवं समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।*
▪️ *कार्यक्रम के दौरान सभी एसटीएफ अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने एवं डिजिटल माध्यमों का सतर्कतापूर्वक उपयोग करने की शपथ दिलाया गया साथ ही माननीय मंत्री श्री गजेन्द्र यादव द्वारा सामूहिक सेल्फी भी ली गई*।
दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसटीएफ के अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराधों की पहचान, डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
माननीय मंत्री जी का उद्बोधन
माननीय श्री गजेन्द्र यादव, मंत्री, स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अनजान व्यक्तियों से प्राप्त संदेश, फ्रेंड रिक्वेस्ट एवं संदिग्ध लिंक पर सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा साइबर सुरक्षा के प्रति परिवार एवं समाज को भी जागरूक करने की बात कही।
एसएसपी महोदय का उद्बोधन
श्री विजय अग्रवाल, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग ने साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों से लगातार अपडेट रहने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
संक्षिप्त विवरण
प्रशिक्षण के दौरान फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया आधारित ठगी, OTP से संबंधित धोखाधड़ी एवं ऑनलाइन वित्तीय अपराधों से बचाव की सावधानियों की जानकारी दी गई। साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन श्री मणिशंकर चन्द्रा, रापुसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), जिला दुर्ग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में श्री हर्षित मेहर, पुलिस अधीक्षक नगर दुर्ग एवं श्री चन्द्रप्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं एसटीएफ के जवान उपस्थित रहे।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहें। OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
“एक क्लिक सोच-समझकर, भविष्य सुरक्षित।”
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