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पीडीएस चावल की कालाबाजारी पर रोक और दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: आम आदमी पार्टी जिला दुर्ग

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  • खाद्य विभाग को सौंपा गया ज्ञापन, राशन दुकानों के विशेष ऑडिट की उठी मांग
  •  पत्रकारों पर लगे आरोपों पर निष्पक्ष जांच की मांग*

दुर्ग। आम आदमी पार्टी (आप) जिला दुर्ग के प्रतिनिधिय आप पार्टी के नेता जसप्रीत सिंग ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के जिलाधीश और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भिलाई-दुर्ग क्षेत्र की राशन दुकानों में लंबे समय से चल रही पीडीएस चावल की कालाबाजारी पर गहरी चिंता जताई है। पार्टी ने राशन दुकानों के विस्तृत ऑडिट कराने और इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

*राशन दुकानों में वर्षों से चल रही है कालाबाजारी*

ज्ञापन के माध्यम से यह रेखांकित किया गया है कि दुर्ग-भिलाई में बीपीएल परिवारों के लिए आने वाले पीडीएस चावल की कालाबाजारी का सिलसिला वर्षों से जारी है, लेकिन आज दिनांक तक इस पर कोई ठोस और परिणामी कार्रवाई नहीं हो पाई है। भिलाई जुनवानी स्थित जय भवानी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान का उदाहरण देते हुए बताया गया कि मुख्य दोषियों और दुकान मालिकों को बचाने के लिए गरीब महिला कर्मचारियों को आरोपी बना दिया जाता है, जो अंततः अदालतों व कागजों में प्रमाणित नहीं हो पाता। इन मामलों में खाद्य विभाग की मिलीभगत और संरक्षण स्पष्ट रूप से नजर आता है।

राइस मिलों तक पहुंच रहा है गरीबों का हक

आप नेता जसप्रीत सिंग ने आरोप लगाया है कि राशन कार्डधारियों को तय मात्रा से कम चावल दिया जाता है और बचा हुआ चावल बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है। इसके अलावा, फर्जी राशन कार्डों के जरिए भी चावल निकाला जा रहा है। यह चावल राइस मिलों में भेजकर पॉलिश किया जाता है और महंगे दामों पर खुले बाजार में खपाया जाता है। पार्टी ने मांग की है कि यदि विभाग में कोई ईमानदार अधिकारी है, तो कार्यक्षेत्र की सभी राशन दुकानों की जांच कराई जाए और कालाबाजारी करने वाली दुकानों का आवंटन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

पत्रकारों पर लगे आरोपों और दिल्ली में बर्बरता पर गंभीर सवाल

पार्टी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पीडीएस चावल की कालाबाजारी पर खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों पर वसूली के जो आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष और बारीकी से जांच होनी चाहिए। यह भी सवाल उठाया गया कि यदि वसूली लंबे समय से चल रही थी, तो पैसा देने वाले पक्ष ने कोई अवैध कार्य छिपाने के लिए ऐसा किया था या उन्होंने पहले पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की?

इसके साथ ही, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों व अन्य मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस और गुंडों द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण मारपीट की कड़ी निंदा की गई।

आम आदमी पार्टी रऊफ अंसारी और बलविंदर ने चेतावनी दी है कि यदि खाद्य विभाग द्वारा इस गंभीर मामले में विधि-सम्मत त्वरित जांच और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पार्टी जनहित में बड़ा कदम उठाने को बाध्य होगी।

मुख्य मांगे

खाद्य विभाग से मांग की गई है कि वह अपने क्षेत्र की सभी राशन दुकानों का गहन ऑडिट कराए और विधि-विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

मांग की गई है कि फर्जी राशन कार्डों और राशन दुकान संचालकों की निष्पक्ष जांच हो तथा कालाबाजारी करने वाली दुकानों का आवंटन तत्काल रद्द किया जाए।

पीडीएस चावल की कालाबाजारी पर खबर बनाने वाले पत्रकारों पर लगे वसूली के आरोपों की निष्पक्ष और बारीकी से जांच कराने की मांग की गई है।

आम आदमी पार्टी की तरफ से ज्ञापन देने वालों में जसप्रीत सिंह, धर्मेंद्र चौधरी , शिव शेट्टी, अविनाश, सूरज ,चंदन, देवेंद्र बिजलेकर, बलदेव, rauf अंसारी, सोनू यादव, आम आदमी पार्टी कई कार्यकर्ता उपस्थित होकर खाद विभाग के अधिकारी के खिलाफ नारा लगा रहे थे