भिलाई, 13 अक्टूबर,2026:– प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शरदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सेक्टर 7 स्थित अंतर्दिशा भवन प्रांगण में गुरुवार 15 अक्टूबर से नौ देवियों की लाईट एंड साउंड से सुसज्जित भव्य आलौकिक चैतन्य झाँकी सजायी जा रही है। जिसमें पहाड़ों, गुफाओं और धरती के गर्भ से प्रकट होती चैतन्य देवियां जड़ मूर्ति के रूप में प्रत्यक्ष होंगी।
जिसका भक्तजन प्रतिदिन शाम को 6:30 बजे से रात्रि 10 बजे तक चैतन्य देवियों के दर्शनलाभ कर सकेंगे।
भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने इस नवरात्रि पर विशेष श्रेष्ठ परिवर्तन के संकल्प के साथ मनाने का आह्वान किया है।
यह चैतन्य देवी झांकी अपनी अनूठी प्रस्तुति और शिव शक्तियों द्वारा जीवन में सकारात्मकता के प्रबुद्भाव के लिए जानी जाती है, जहाँ ब्रह्माकुमारी बहनें स्वयं चैतन्य देवियों का रूप धारण करती हैं। गहन तपस्या और राजयोग की सतत् साधना के कारण वे जड़ मूर्तियों के समान अचल और अडोल दिखती हैं। श्रद्धालु इन चैतन्य देवियों के दर्शन से शांति और दिव्यता का अनुभव करते हैं।
इस आध्यात्मिक वातावरण में कुछ पल बिताने से लोगों को एक अलौकिक दिव्य अनुभूति होती है।
गौरतलब है कि भिलाई ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चैतन्य देवियों की झांकी को प्रयागराज महाकुंभ, उज्जैन सिंहस्थ कुंभ और कोटा में सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया जा चुका है, जहाँ देश-विदेश से आए अनगिनत श्रद्धालुओं ने इसका दर्शन लाभ लेकर आयोजन की सराहना की है।
इस अवसर पर 10 दिवसीय “अपनी शक्तियों से करें मुलाकात” राजयोग शिविर दिनांक 22 अक्टूबर से प्रातः 7 से 8,संध्या 5:30 से 6:30 अथवा संध्या 7:30 से 8:30 तक रहेगा। जिसमें किसी भी एक समय शिविर का लाभ ले सकते है।



