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घर पर ऐसे बनाएं आंवला मुरब्बा, गुलाब जामुन जैसा रसीला, कभी नहीं खराब…

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Amla Murabba Recipe : ठंड की शुरुआत हो चुकी है. इस सीजन में बाजार में नए आंवले की फसल भी आने लगी है. आंवला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. आंवले में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं. साथ ही इसमें आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और क्रोमियम भी पाया जाता है. सर्दियों में आंवले का मुरब्बा भी खूब पसंद किया जाता है. इसके नियमित सेवन से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. आंवले का मुरब्बा बनाना बहुत आसान है. अगर कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो लंबे समय तक खराब भी नहीं होगा.

सर्दियों में आंवले का मुरब्बा खाने में बहुत अच्छा लगता है. आंवले के मुरब्बे में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और क्रोमियम, जिंक व कॉपर भरपूर मात्रा में होता है. यह इम्युनिटी बढ़ाता है. संक्रमण और सर्दी-जुकाम से भी बचाने में मदद करता है. कुछ लोग इसे चीनी (शक्कर) के साथ बनाते हैं तो कुछ गुड़ से. गुड़-चीनी दोनों को मिलाकर भी मुरब्बा बनाया जा सकता है. इसे बनाने का सही तरीका क्या है, इसमें ऐसा क्या मिलाया जाए कि ज्यादा दिनों तक खराब न हो, इसे आसान विधि से कैसे बनाया जाए, आइये सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब…..

आंवले का मुरब्बा बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी का आंवला लीजिए. 500-600 ग्राम या अपनी जरूरत के हिसाब से आंवले लीजिए. अब कटोरे में पानी भरिये. एक चम्मच फिटकरी डाल दीजिए. इसमें 10-12 घंटे के लिए आंवले भिगोकर रखें. 12 घंटे बाद आंवले पानी से निकाल लें. अब आंवलों को कप‌ड़े से अच्छे से पोंछ लीजिए. फिर इनमें फॉर्क से छेद कर लीजिए. अगर घर पर फॉर्क न हो तो टूथपिक का इस्तेमाल कर सकते हैं. छेद करने के बाद एक कटोरे में पानी लें. उसमें चूना मिला लें. अब इस चूने वाले पानी में आंवलों को 4-5 घंटे के लिए डुबोकर रखें.

चून के पानी में आंवले ढंककर रखें. चूना पानी से आंवलों का कसैलापन दूर हो जाएगा. फिटकरी के पानी से आंवलों का रंग निखर जाएगा. चूने के पानी से 4-5 घंटे बाद आंवला निकालें. इन्हें साफ पानी से दो-बार अच्छे से धो लें. अब स्टील की कढ़ाही या भगोना लीजिए. इसमें दो लीटर पानी डालें. पानी जब गर्म हो जाए तो उसमें आंवले डालें. मीडियम-हाई फ्लेम पर आंवलों को उबाल लीजिए.

उबले हुए आंवले अपने आप पानी के ऊपर आने लगते हैं. यहीं इनके उलबने की पहचान होती है. उबले हुए आंवलों को निकालकर साफ पानी में डालें. साफ पानी में रखने के बाद इन्हें अच्छे से सुखा लें. जब आंवले सूख जाएं तो उन्हें एक कढ़ाही में डालें.

अब धागे वाली मिश्री लीजिए और उसका पाउडर बना लें. साथ में गुड़ लें. इन सभी को आंवलों पर डालें. अगर 500 ग्राम आंवला लेंगे तो 500 ग्राम ही मिश्री-गुड़ मिलाना होगा. अगर आप चाहें तो सिर्फ गुड़ से भी मुरब्बा बना सकते हैं. आधा किलो आंवला तो आधा किलो गुड़ की जरूरत होगी. आंवला-गुड़ और मिश्री के पाउडर को अच्छे से मिक्स कर लें. गैस की धीमी आंच में ढंककर पकाएं. धीरे-धीरे चाशनी बनने लगेगी.

गुड़ वाला आंवला मुरब्बा सेहत के लिए अच्छा होता है. गैस पर आंवलों को पकाते रहें. चाशनी में उबाल आने लगेगा. चाशनी में तार बनने लगेगें. आंवले जब अच्छे से पक जाएंगे तो इनका रंग बिल्कुल गुड़ की तरह हो जाएगा. गुलाब जामुन जैसे रंग का मुरब्बा बनकर तैयार होगा. शक्कर के मुरब्बे का रंग थोड़ा निखार लिए होता है, इसलिए बिकता है. गुड़ का मुरब्बा का रंग देखने में उतना अच्छा नहीं होगा मगर यह गुणकारी ज्यादा होता है. जब मुरब्बा बनकर तैयार हो जाए तो गैस बंद कर दें. मुरब्बे को पूरी रात ढंककर रख दें. इस तरह से गुड़ का टेस्टी मुरब्बा बनकर तैयार हो जाएगा. इसे आप रोज सुबह नाश्ते में खा सकते हैं.