June 8, 2026

कांग्रेस के पास सिर्फ 1 तो बीजेपी के पास 32, जानें पांचवे चरण की 49 सीटों का पूरा गणित

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 देश की 18वीं लोकसभा के लिए चरणबद्ध तरीके से चुनाव चल रहा है. चार चरण का मतदान हो चुका है और अब पांचवे चरण पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. इस चरण में 8 राज्य की 49 सीट पर वोटिंग होना है. ये वोटिंग 20 मई को होगी. अब तक आधे से ज्यादा सीटों पर मतदान हो चुका है और 18 राज्य भी चुनाव के दौर से गुजर चुके हैं. लेकिन इस पांचवे चरण की बात करें तो यह काफी अहम है हालांकि इस चरण में 50 से भी कम सीट पर वोटिंग हो रही है इसकी वजह है भीषण गर्मी.

चुनाव आयोग शायद इसी वजह से इस चरण में सीटों की संख्या कम रखी है. लेकिन सियासी नजरिए से देखें को ते ये चरण बीजेपी के लिए किले की तरह है तो वहीं कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती. आइए जानते हैं आखिर क्या है पांचवे चरण की 49 सीटों का गणित.

आंकड़ों पर एक नजर
– 20 मई को पांचवे चरण की वोटिंग
– 8 राज्यों की 49 सीटों पर होगा मतदान
– 695 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर
– 65 फीसदी सीटों पर बीजेपी ने बीते चुनाव में किया कब्जा
– 14 सीट उत्त प्रदेश की पांचवे चरण में
– 428 सीट पर पांचवें चरण के बाद खत्म हो जाएगा चुनाव

क्यों है कांग्रेस के लिए चुनौती

पांचवें चरण का मतदान कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि बीते चुनाव यानी 2019 में कांग्रेस को इन 49 सीट में से सिर्फ एक सीट पर जीत का स्वाद चखने का मौका मिला था. आठ में से सात राज्यों में कांग्रेस को हार मुंह देखना पड़ा था.

ऐसे में इस बार अगर इंडिया गठबंधन केंद्र की सत्ता पर काबिज होना चाहता है तो कांग्रेस को इस चरण में बेहतर प्रदर्शन करना होगा. अमेठी और रायबरेली भी इसी चरण में मतदान होना है. दोनों ही सीट कांग्रेस के लिए नाक का सवाल है. क्योंकि रायबरेली से एक बार फिर राहुल गांधी चुनावी ताल ठोक रहे हैं. बीते चुनाव में उन्हें बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने अमेठी में बड़े अंतर से हराया था. वहीं अमेठी में इस बार स्मृति का मुकाबला भी गांधी परिवार के करीबी किशोरीलाल शर्मा कर रहे हैं. इनका अमेठी से गहरा नाता रहा है लिहाजा कांग्रेस को उम्मीद है टक्कर कांटे की है.

किस दल का कैसा रहा प्रदर्शन
पांचवे चरण की 8 राज्य की 49 सीट के गणित की बात करें तो इसमें बीते आम चुनाव 2019 में सबसे अच्छा प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी का रहा. बीजेपी के लिए ये चरण एक किले की तरह है क्योंकि इसमें पार्टी ने कुल सीट का 65 फीसदी हिस्सा कब्जे में कर लिया. बीते चुनाव में बीजेपी ने यहां 32 सीट पर जीत दर्ज की थी. जबकि शिवसेना को 7,  टीएमसी 4 जीतने में कामयाब रही. चार राजनीति दलों ने इस चरण में सिर्फ 1 सीट पर ही जीत हासिल की, इसमें कांग्रेस, जेडीयू, एलजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस शामिल हैं. एनडीए के लिए ये चरण शानदार साबित हुआ यहां पर 49 में से 41 सीट राष्ट्रीय प्रजातांतिक गठबंधन के नाम रही.

BJP के लिए इज्जत का सवाल है UP
पांचवे चरण में बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश इज्जत का सवाल है क्योंकि यहां पर पांचवें चरण में 14 सीट पर मतदान हो रहा है. इन 14 सीट की बात करें तो इनमें बांदा, कौशांबी, फतेहपुर, गोंडा, कैसरगंज, बाराबंकी , लखनऊ, मोहनलालगंज, अमेठी, रायबरेली, जालौन, झांसी, हमीरपुर और फैजाबाद सीट पर वोटिंग है. इन 14 में से 13 सीट पर भाजपा जीत का परचम लहरा चुकी है. ऐसे में इस बार बीजेपी के लिए जरूरी है कि इन सभी सीटों पर जीत बरकरार रखे बल्कि बची हुई एक अन्य सीट रायबरेली को भी अपने पाले में ला सके.