March 10, 2026

सर्वधर्म सेवा संस्था ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शुरू किया महिला स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण जागरूकता पखवाड़ा…

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सर्वधर्म सेवा संस्था द्वारा समाज में बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9 मार्च से 30 मार्च तक “महिला स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण जागरूकता पखवाड़ा” प्रारंभ किया गया है।

यह अभियान संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश खांडवे की अगुवाई में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक एवं मार्गदर्शक श्री वीरेंद्र सतपथी तथा श्रीमती शहाना कुरैशी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है, वहीं संस्था के संस्थापक श्री प्रतीक भोई सहित राकेश रत्नाकर, घनश्याम पांडे, रघुवंश सैनी, रमेश प्रजापति, गायत्री गोस्वामी, अरुणा शर्मा, जया सरनाइक, मनमोहन सिंह, मंजू चौरसिया व संस्था के पदाधिकारी और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से इस सामाजिक अभियान को गति देंगे।

पखवाड़े के प्रथम दिन ९/३/२६ आमदी नगर विद्या निकेतन हुडको से शुभारंभ किया गया। उपस्थित 100 छात्राओं व शिक्षिकाओं को आंतरिक व बाहरी सुरक्षा की जानकारी दी गयी तथा राज्य सरकार के वीर हनुमान सिंह अवार्ड से सम्मानित कराते मास्टर श्री अमल तालुकदार व कुमारी श्रन्या दास, कुमारी काव्या दास द्वारा छात्राओं को आत्म रक्षा के गुर सिखाये गये।

पखवाड़े के अंतर्गत 25 स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें छात्राओं को सैनिटरी पैड का निःशुल्क वितरण किया जायेगा तथा मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene), महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकार और नारी सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को बताया जा रहा है कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसे लेकर समाज में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। साथ ही छात्राओं को स्वच्छता के नियम, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इसी क्रम में छात्राओं के बीच विशेष जागरूकता हैंड बिल भी वितरित किए जाएंगे, जिनमें मासिक धर्म स्वच्छता, गुड टच-बैड टच की पहचान, आत्मरक्षा के उपाय, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानून (भारतीय न्याय संहिता – BNS की धाराएँ 74, 75, 76, 79) तथा आपात स्थिति में सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर 112, 1091 और 1098 जैसी जानकारियाँ सरल भाषा में दी गई हैं।

संस्था का मानना है कि जागरूकता ही सशक्तिकरण की सबसे बड़ी शक्ति है। जब बालिकाएँ अपने स्वास्थ्य, अधिकार और सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगी, तभी एक सुरक्षित और सम्मानजनक समाज का निर्माण संभव होगा।

सर्वधर्म सेवा संस्था ने समाज के सभी नागरिकों, शिक्षकों और अभिभावकों से इस अभियान में सहयोग करने और बालिकाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सहभागिता निभाने की अपील की है।

संस्था का यह प्रयास बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है।

 

 

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