March 16, 2026

आस्था विश्वास एवं समर्पण से अमरत्व की प्राप्ति हो सकती है_पं.हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी_

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कसडोल-18 अक्टूबर नगर भवन मैदान में कसडोल में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी महराज ने शुकदेव महराज की जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि कैलाश पर्वत पर भगवान महादेव ने माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे।जिससे माता
पार्वती का ध्यान भटक गया इसलिए
उन्हें अमरत्व की प्राप्ति नहीं हो सका। किन्तु वही पर एक पेड़ में बैठा शुक अमर कथा को आस्था एवं आत्म विश्वास के साथ सुनकर अमरत्व को प्राप्त हो गया। जो महर्षि वेद व्यास की पत्नी के गर्भ मनुष्य के रूप में जन्म लिया।शुकदेव महराज बालक के रूप में जन्म लेते
ही सीधे चलने लगा। जिसे रोकने एवं बालक के मुख दर्शन करने के लिए बेद व्यास उनके पीछे पीछे चलने लगा किन्तु बालक रुका नहीं आगे बढ़ते रहा तथा भगवान महादेव ने महर्षि वेद व्यास को कहा कि भीमद् भागवत कथा का वाचन करो तब उसे सुनने के लिए स्वयं सुकदेव महराज आऐगे और ऐसा ही हुआ स्वयं सुकदेव महाराज वापस आए और भीमद भागवत महापुराण के अठठारः हजार श्लोकों की रचना कर वर्णन किया।कथा वाचक पं. हिमांशु भारद्वाज जो कहा कि मीमद भागवत महापुराण कथा के प्रभाव से पुत्र एवं पिता का भी मिलन हो जाता है आज जिला पंचायत सभापति नवीन मिश्रा द्वारा आयोजित कथा को सुनने के लिए पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल जिला सहकारी बैंक रापपुर के अध्यक्ष-योगेश चंद्राकर सहित हजारो महिला पुरुष उपस्थित रहे।

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