इंदौर: ‘एमपी अजब है, सबसे गजब है…’ मध्य प्रदेश पर्यटन के एड-जिंगल यानी एक विज्ञापन की ये पंक्तियां अब कहावत-सी बन गई हैं. प्रदेश में आए दिन कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है कि बरबस की लोगों के मुंह से निकल पड़ता है कि ‘एमपी अजब है…’ अब हाल ही में एक अजब मामला सामने आया है. इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है. दरअसल, राज्य की एक सरकारी भर्ती परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन यानी ‘सामान्यीकरण’ की प्रक्रिया अपनाए जाने के कारण एक उम्मीदवार को 100 में से 101.66 अंक मिल गए. इस पर सवाल उठाते हुए बेरोजगार युवाओं ने इंदौर में जबरदस्त प्रदर्शन किया. उन्होंने भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग भी की.



