March 12, 2026

यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया भिलाई इकाई का श्रृंगी ऋषि पर्वत सिहावा नगरी में एक दिवसीय ट्रैकिंग सम्पन्न…

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भिलाई । यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया भिलाई इकाई एवं आयकर विभाग द्वारा श्रृंगी ऋषि आश्रम पर्वत सिहावा नगरी में एक दिवसीय ट्रैकिंग सह ट्रेनिंग का संयुक्त आयोजन किया गया । इस आयोजन में आयकर विभाग द्वारा संचालित अनुसचिवीय कर्मचारी प्रशिक्षण इकाई ( एमएसटीयू ) बत्तीस बंगला भिलाई के 20 प्रशिक्षु कर्मचारी और उनके प्रशिक्षक भी शामिल हुए । दुर्ग भिलाई से 150 किमी दूर सिहावा नगरी क्षेत्र में स्थित श्रृंगी ऋषि पर्वत पर आयोजित इस ट्रैकिंग में सभी आयु वर्ग के कुल 50 स्त्री पुरुष सदस्यों ने हिस्सा लिया ।

 

आयोजन के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए भिलाई इकाई के चेयरमेन के. सुब्रमण्यम ने बताया कि जीरो प्वॉइंट इण्डियन कॉफी हाउस सेक्टर 09 हॉस्पिटल भिलाई से राष्ट्रगान पश्चात ट्रैकिंग को प्रेसिडेंट ऋषिकान्त तिवारी द्वारा शुभकामना देकर रवाना किया गया । श्रृंगी ऋषि पर्वत पर घने जंगलों के बीच सदस्यों ने लगभग पाँच किमी ट्रैकिंग किया । इस आयोजन में सदस्यों ने शान्ता गुफा , हाथी तालाब , श्रृंगी ऋषि आश्रम , महानदी उद्गम स्थल और कर्णेश्वर महादेव मन्दिर का अवलोकन किया । शीतला मन्दिर भीतररास के सामने से एकदम सीधी चढ़ाई से ट्रैकिंग की शुरुआत आरम्भ से ही काफी थका देने वाली रही ।

 

वरिष्ठ सदस्य हरदेव सिंह गिल एवं मंजीत कौर गिल ने बताया कि यह स्थल राम वनगमन क्षेत्र में आता है । रामकथा के अनुसार राजा दशरथ के लिए पुत्र कामेष्टि यज्ञ सम्पन्न कराने वाले श्रृंगी ऋषि यहीं के थे , यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है । महानदी का उद्गम स्थल देखना भी अत्यन्त रोमांचित करने वाला रहा । कर्नल ( रिटा. ) हरिशरणजीत कौर एवं कोटेश्वर राव ने बताया कि हरी -भरी प्रकृति के बीच शान्त वातावरण में ट्रैकिंग बहुत ही सुकूनदायक रहा । वनप्रदेश में विभिन्न प्रकार की चिड़ियों की आवाज ने सभी का ध्यान खींचा । वनस्पतियों की विविधता भी सदस्यों के लिए कौतूहल का विषय रहा । भिलाई इकाई सचिव सुबोध देवाँगन के अनुसार पहाड़ पर ट्रैकिंग में अनेक जगह जोखिम भरे और खतरनाक थे , जहाँ पर जरा सी असावधानी से चोट पहुँच सकता था । पारस्परिक सहयोग एवं सम्बल से यह ट्रैकिंग पूर्ण हुआ ।

 

वरिष्ठ सदस्य एन. के. सिंह एवं कमलेश वर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि धमतरी से सिहावा नगरी तक घने जंगलों के बीच शुद्ध प्राकृतिक वातावरण में बस का सफर भी एक खूबसूरत एहसास रहा । इस दरम्यान सदस्यों ने कर्णेश्वर महादेव मन्दिर का भी दर्शन लाभ लिया । बारहवीं शताब्दी में निर्मित इस ऐतिहासिक मन्दिर समूह में कुल पाँच मन्दिर हैं , जिसका निर्माण काँकेर के सोमवंशी राजा कर्णदेव ने कराया था । युवा सदस्य प्रिया जांगड़े और के. स्तुति के अनुसार महानदी उद्गम स्थल पर पत्थरों पर चित्रकारी विशेष मनमोहक है । इस ट्रैकिंग में पाँच साल से कम अवस्था के दो बच्चे भी शामिल थे । यह ट्रैकिंग स्थानीय मार्गदर्शक नोहर सिंह साहू के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ ।

 

आयोजन को सफल बनाने में राजेश मराठे , राजश्री श्रृंगारपुरे , किशोर छबलानी , करणसिंह पानेसर , बलबीर कौर , बी. समीर , राजन , सतानन्द तिवारी , ओंकार सिंह चन्द्राकर , अविनाश तिवारी , अभय तिवारी , अमित अग्रवाल , पिंटू साव , लक्ष्मी साव , अमिता अग्रवाल सहित आयकर विभाग अनुसचिवीय कर्मचारी प्रशिक्षण इकाई भिलाई के समस्त प्रतिभागी प्रशिक्षु कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही ।

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