पीएम मोदी की मालदीव यात्रा से पहले LoC पर भारत की खास तैयारी…
- PM Modi Maldives Visit: भारत ने पहले भी मालदीव को कई LoC दिए हैं। भारत, मालदीव में सामुदायिक विकास परियोजनाओं में भी मदद कर रहा है। अभी तक 56 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें से 14 पूरी हो चुकी हैं। जानिए क्या है लाइन ऑफ क्रेडिट।
नई दिल्ली: मालदीव को आर्थिक मदद देने के लिए भारत सरकार लाइन ऑफ क्रेडिट यानी LoC पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 जुलाई को मालदीव जा सकते हैं। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी भारत की ओर से फंडेड कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। मालदीव इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में भारत अपनी ‘पड़ोसी फर्स्ट’ नीति के तहत मदद के लिए आगे आ रहा। इस नीति के तहत भारत हमेशा से अपने पड़ोसी देशों की मदद करता है।
मालदीव की मदद के लिए भारत की खास तैयारी
भारत ने पहले भी मालदीव को कई LoC दी हैं। एक बार फिर दोनों देशों के बीच LoC यानी लाइन ऑफ क्रेडिट पर बात चल रही है। यह LoC मालदीव को आर्थिक संकट से उबारने में मदद कर सकती है। मालदीव में केंद्र सरकार की इस प्लानिंग की खास वजह है। मोदी सरकार की ये पहल ‘पड़ोसी पहले’ नीति का हिस्सा है।
कई परियोजनाओं पर चल रहा काम
इसके अलावा, भारत मालदीव में कई सामुदायिक विकास परियोजनाओं में भी मदद कर रहा है। ये परियोजनाएं मालदीव के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मालदीव की यात्रा पर जा सकते हैं। 25 और 26 जुलाई को होने वाली इस यात्रा के दौरान केंद्र सरकार, मालदीव को आर्थिक मदद दे सकता है।
पीएम मोदी का मालदीव दौरा, करेंगे कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन
मालदीव का राष्ट्रीय दिवस भी इसी दौरान है। उम्मीद है कि पीएम मोदी भारत की ओर से बनाए गए कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अब तक 56 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 14 पूरी हो चुकी हैं और उनका उद्घाटन भी हो चुका है। मई में भारत ने मालदीव को 50 मिलियन डॉलर की ट्रेजरी बिल की मदद दी थी।
लाइन ऑफ क्रेडिट क्या है , जिससे मालदीव की बदलेगी स्थिति
लाइन ऑफ क्रेडिट से मालदीव की अर्थव्यवस्था को सहारा मिला। भारत ने यह सहयोग तब दिया, जब मालदीव पर कर्ज का संकट मंडरा रहा था। 2019 से ही भारत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के जरिए मालदीव को ट्रेजरी बिल खरीदने में मदद कर रहा है। इन बिलों पर कोई ब्याज नहीं लगता है। यह भारत और मालदीव के बीच एक सरकारी समझौता है।
भारत की हेल्प से कैसे मालदीव को मिलेगा बड़ा सहारा
हर साल, भारत इन बिलों को बिना ब्याज के रिन्यू करता है। इसके तहत भारत अपने समुद्री पड़ोसी को आपातकालीन वित्तीय सहायता देता है। इसे ऐसे समझिये कि जैसे कोई दोस्त मुश्किल समय में आपकी मदद करता है, वैसे ही भारत, मालदीव की मदद कर रहा है। मालदीव यात्रा के दौरान पीएम मोदी कई निर्माण प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। यह भारत की तरफ से मालदीव को एक बड़ा सहारा होगा।