March 7, 2026

बीएसपी कर्मियों को भी बी आइ टी मे छूट दिया जाए…

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सम्पूर्ण रूप से बी एस पी की जमीन पर काबिज है बी आइ टी* 

जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के सचिव रविशंकर सिंह ने भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.आई.टी.) दुर्ग के ट्रस्ट में व्याप्त अनियमितताओं की जांच

एंव सम्पूर्ण रूप से भिलाई इस्पात संयंत्र की जमीन पर स्थापित एवं ट्रस्ट के माध्यम से संचालित भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.आई.टी.) दुर्ग के संबंध मे भिलाई इस्पात संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज को पत्र प्रेषित करते हुए जानकारी चाही है कि दिल्ली पब्लिक स्कूल रिसाली सहित भिलाई इस्पात संयंत्र की भूमि पर लीज के माध्यम से काबिज दुसरे शिक्षण संस्थान बी एस पी कर्मियों को फीस मे छूट देते हैं । बी आइ टी दुर्ग बी एस पी कर्मियों को ऐसी कोई छूट देता है क्या? और अगर नही देता है तो क्यों नही देता है ? जब की दुसरे शिक्षण संस्थानों ने जमीन लीज पर लिया है लेकिन बी आइ टी दुर्ग ने केवल भिलाई इस्पात संयंत्र के मुखिया को ट्रस्ट का पदेन सदस्य बना झुनझुना थमा दिया है बड़ी ही चतुराई से बी एस पी कर्मियों का हक मार रहा है ।इस पत्र के माध्यम से मांग की जाती है कि बी एस पी कर्मियों के संतानों को भी बी आइ टी मे छूट प्रदान की जाए इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों से ट्रस्ट संचालन में गंभीर अनियमितताएं परिलक्षित हो रही हैं। बी.आई.टी. ट्रस्ट के आयुक्त स्वयं कलेक्टर दुर्ग हैं तथा मुख्य ट्रस्टी में भिलाई इस्पात संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज हैं। इसके अतिरिक्त अन्य ट्रस्टी गण भी नामित हैं, तथापि, विगत वर्षों से ट्रस्ट की नियमित बैठकें आयोजित नहीं हो रही हैं एवं महज दो व्यक्तियों द्वारा फोन अथवा निजी चर्चा के माध्यम से ट्रस्ट संचालन किया जा रहा है, जो कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दृष्टि से अत्यंत चिंताजनक है।

ट्रस्ट द्वारा संचालित बी.आई.टी. कालेज में वर्तमान में प्रचलित सेवानिवृत्ति की आयु नीति भी राज्य शासन एवं एआईसीटीई के मापदंडों के प्रतिकूल है। विदित हो कि—

राज्य शासन के समस्त विभागों में सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष निर्धारित है,

उच्च शिक्षा विभाग एवं सहकारिता विभाग में भी शासन के निर्देशों के अनुसार सेवानिवृत्ति 62 वर्ष में की जाती है,

यूजीसी (UGC) के अधीन आने वाले शिक्षकों हेतु यह आयु 65 वर्ष है,

एआईसीटीई की अधिसूचना अनुसार सभी संबद्ध निजी तकनीकी संस्थानों हेतु भी यही मानक लागू हैं।

परंतु बी.आई.टी. दुर्ग में 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही वरिष्ठ प्राध्यापकों पर अनैतिक दबाव बनाकर उनसे सेवानिवृत्ति का आवेदन लिखवाया जाता है, जिससे योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों को समय पूर्व संस्थान से बाहर किया जा रहा है। यह परंपरा न केवल नियमविरुद्ध है बल्कि गुणवत्ता पूर्ण तकनीकी शिक्षा को भी प्रभावित करती है। कालेज के ही कुछ पूर्व छात्र और वृतमान छात्रों ने योग्य प्राध्यापकों को जबरन सेवानिवृत्त किए जाने पर रोष व्यक्त किया है। अधिवक्ता संघ दुर्ग के सचिव रविशंकर सिंह ने मांग की है कि

. बी.आई.टी. ट्रस्ट की संरचना, बैठक प्रक्रिया एवं संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जांच कराई जाए। संस्थान में प्रचलित जबरन सेवानिवृत्ति की परंपरा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा सम्पूर्ण रूप से बी एस पी की जमीन पर काबिज बी आइ टी प्रबंधन बी एस पी कर्मियों को आर्थिक छूट प्रदान करे ।

 

 

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