तेजी से बढ़ रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन; 75KM होगी स्पीड, IMD का एक और अनोखा अलर्ट…
बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान में तब्दील होता जा रहा है क्योंकि इसकी गति धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है और यह तेजी से उत्तर-उत्तर पश्चिम की तरफ तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि जैसे ही अवदाब की गति 63KM प्रति घंटे की स्पीड से ज्यादा होगी, यह तूफान में बदल जाएगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिक डॉ. आनंद कुमार दास ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि दोपहर तक इसकी गति 55KM प्रति घंटे दर्ज की गई है।
IMD ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि गहरा अवदाब यानी गुरुवार (2 अक्टूबर) की रात तक ओडिशा और उससे सटे आंध्र प्रदेश के तटों को पार कर जाएगा। इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन अगले दिन यानी 3 अक्टूबर तक कमजोर पड़ जाएगा और हवा की स्पीड घटकर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रह जाएगी लेकिन उसका असर कुछ दिनों तक जारी रहेगा।
IMD ने कहा है कि इस मौसमी घटना के कारण अगले 5 दिनों तक आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में तेज हवा के झोकों संग बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा,पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज़ गरज के साथ बारिश हो सकती है और हवाओं का जोर रह सकता है।
ओडिशा में भारी बारिश
इस बीच, ओडिशा में गुरुवार की सुबह भी बारिश दर्ज की गई। IMD के मुताबिक ओडिशा में भारी बारिश हुई है। राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए चिन्हित संवेदनशील जिलों में कर्मियों और मशीनरी को तैनात किया है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के सभी हिस्सों में मुख्य रूप से तटीय और दक्षिणी क्षेत्रों में बुधवार से ही भारी बारिश हो रही है। IMD ने आज राज्य के सभी 30 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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रात में ओडिशा को पार कर जाएगा तूफान
आईएमडी ने बताया कि इस तूफान के दो अक्टूबर की रात तक ओडिशा को पार करके आंध्र प्रदेश से लगे हुए गोपालपुर और पारादीप तटों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गहरा दबाव एक ऐसी स्थिति है जो एक सुस्पष्ट निम्न दबाव के बाद और चक्रवाती तूफान से पहले आती है, जिसके बाद आमतौर पर भारी वर्षा और तेज हवाएं चलती हैं। IMD ने मछुआरों को तीन अक्टूबर तक ओडिशा तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
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75 किलोमीटर प्रति घण्टे हो जाएगी स्पीड
बुलेटिन में कहा गया है, “गहरे दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मध्य बंगाल और उससे लगे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक अक्टूबर से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घण्टे से 60 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से तूफानी हवा चलने की संभावना है। दो अक्टूबर की दोपहर से तीन अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में यह रफ्तार धीरे-धीरे 55-65 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति तक पहुंच जाएगी।” आईएमडी ने राज्य के सभी बंदरगाहों पर ‘स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या-तीन’ (एलसी-3) लगाने का भी सुझाव दिया है।
किन-किन राज्यों में कब-कब बारिश की चेतावनीः
IMD ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि 2 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। 03 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में 02 और 03 अक्टूबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना। इसके बाद 04 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 02 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा तथा 03-04 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।
फिर बदल गया झारखंड का मौसम, कई जिलों में हुई भारी बारिश; येलो अलर्ट
झारखंड में 02 अक्टूबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और 3 और 4 अक्टूबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। बिहार में भी 02 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और 03 से 05 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश में भी 03 और 04 अक्टूबर को कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
एक अनोखी घटना के भी आसार
IMD ने कहा है कि इसी समय अरब सागर में भी एक निम्न दाब का क्षेत्र बना है जो उत्तर-पूर्व की ओर द्वारका और गुजरात तट की तरफ बढ़ रहा है। इसके अलावा उत्तरी भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है। इनकी वजह से 4 से 8 अक्टूबर के दौरान उत्तर भारत में एक ऐतिहासिक मौसमी घटना होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, तीनों प्रणालियों के आपस में टकराने की संभावना है। यह एक बहुत ही अनोखी घटना होगी। इसकी वजह से पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो सकती है। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)