जनदर्शन बना “चिट्ठी–पत्री का खेल”, आम जनता ठगा महसूस कर रही — जावेद खान
जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के प्रवक्ता जावेद खान ने जिला मुख्यालय दुर्ग में प्रत्येक सोमवार को कलेक्टर द्वारा आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि जनदर्शन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर टोकन जारी कर उसे संबंधित विभाग को भेज तो दिया जाता है, लेकिन अधिकांश मामलों में विभाग धरातल पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं करते। विभागों की ओर से आवेदकों को सिर्फ एक औपचारिक जवाब देकर टाल दिया जाता है कि “आपकी शिकायत अग्रेषित कर दी गई है।”
लेकिन शिकायत को आगे बढ़ाने के बाद क्या कार्रवाई हुई — इसकी कोई जानकारी न विभाग देता है और न ही कलेक्टर कार्यालय की ओर से कोई निगरानी होती है।
कई मामलों में तो जनदर्शन की वेबसाइट पर टोकन दर्ज करने पर “क्षमा करें, विवरण उपलब्ध नहीं है” जैसे संदेश दिखते हैं, जिससे पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
जावेद खान ने बताया कि जनदर्शन में आने वाले अधिकतर आवेदन नगर निगम भिलाई, दुर्ग, चरौदा और रिसाली जैसे शहरी निकायों से जुड़े होते हैं। लेकिन इन विभागों के अधिकारी बड़ी चालाकी से पत्र का जवाब पत्र से देकर न केवल कलेक्टर को बल्कि आम जनता को भी गुमराह करने की आदत बना चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जब शिकायत का वास्तविक निराकरण किए बिना ही प्रकरण को जनदर्शन से विलोपित (बंद) कर दिया जाता है, तो यह जनदर्शन की मूल भावना के साथ अन्याय है।
इस स्थिति में कहना गलत नहीं होगा कि “जनदर्शन अब महज चिट्ठी–पत्री का खेल बनकर रह गया है।”आम जनता न्याय और समाधान की जगह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
जावेद खान ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों की जमीनी जांच और कार्रवाई की निगरानी अनिवार्य की जाए।
विभागों को जवाब देने के साथ-साथ कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट देना भी सुनिश्चित किया जाए।जब तक शिकायत का वास्तविक समाधान न हो, तब तक उसे जनदर्शन पोर्टल से विलोपित न किया जाए।