घरेलू बोरिंग पर भी टैक्स की मार, आवासीय बोर को बना दिया राजस्व का जरिया
भिलाई। जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के प्रवक्ता एंव हुडको संघर्ष समिति के संयोजक जावेद खान ने कहा कि दुर्ग रजिस्ट्री कार्यालय द्वारा आवासीय परिसरों में स्थित साधारण बोर/ट्यूबवेल पर ₹85,000 वसूलना खुली लूट और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
श्री खान ने बताया कि हाल ही में वरिष्ठ उप पंजीयक कार्यालय, दुर्ग द्वारा नजूल विभाग से प्राप्त मूल्यांकन प्रतिवेदन में बोरिंग का ₹85,000 शुल्क मार्केट वैल्यू में जोड़कर स्टाम्प ड्यूटी तय की गई। जबकि हमारी जानकारी के अनुसार, ट्यूबवेल का मूल्य केवल कृषि भूमि में ही जोड़ा जाता है, और यह व्यवस्था केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा अनुमोदित है।
उन्होंने सवाल उठाया कि —क्या राज्य शासन ने ऐसा कोई नया उपबंध या आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब आवासीय परिसरों में भी बोरिंग का शुल्क लिया जाएगा?
क्या यह व्यवस्था पूरे छत्तीसगढ़ में लागू है, या दुर्ग जिले में ही आम जनता से मनमाना वसूली प्रयोग किया जा रहा है?
कांग्रेस प्रवक्ता ने कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन देकर इस मामले में तत्काल जांच और पारदर्शी स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि आवासीय परिसर के बोर केवल घरेलू जरूरत के लिए होते हैं, न कि कृषि या व्यावसायिक उपयोग के लिए। ऐसे में उन पर शुल्क लगाना जनता के साथ अत्याचार और उगाही का तरीका है।
श्री खान ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में “पंजीयन विभाग को पारदर्शी बनाने” के नाम पर आए दिन नए प्रयोग किए जा रहे हैं — कभी होम विजिट शुल्क ₹1200 से बढ़ाकर ₹25000 कर दिया जाता है, तो अब आवासीय बोर पर ₹85,000 की नई लूट शुरू कर दी गई है। यह सब आम नागरिकों की जेब पर सीधा प्रहार है।