March 11, 2026

सीड बाल अभियान पहुँचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टरों ने बच्चों के प्रयास की सराहना…

IMG-20251015-WA0036

गरियाबंद।राजिम। ‘एक लाख सीड बाल महाअभियान’ के अंतर्गत शासकीय पं. रामबिशाल पांडे उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के मिशन लाइफ इको क्लब, एनसीसी तथा साइंस क्लब के छात्र-छात्राएँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे। वहाँ विद्यार्थियों ने डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को सीड बाल वितरित किए और हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. बीरेन्द्र हिरोन्दिया ने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज जब पर्यावरणीय संकट एक गंभीर चुनौती है, तब इन नन्हे पर्यावरण प्रहरी का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। इन बच्चों से हमें सीख मिलती है कि परिवर्तन की शुरुआत छोटी कोशिशों से होती है। डॉ. हुमने ने बच्चों की पहल की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए इसे वास्तव में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावशाली कदम बताया। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती हैं। स्कूली छात्रों की इस मुहिम को डॉ. स्वाति मिश्रा ने अद्वितीय और अनुकरणीय उदाहरण कहा। वहीं डॉ. अरुण अवधिया ने भी विद्यार्थियों की पहल को सराहते हुए कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि बच्चों में जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का भी विकास कर रहा है।

ईको क्लब प्रभारी व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिले के कई विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और संस्थानों में छात्रों द्वारा न केवल सीडबाल वितरित किए जा रहे बल्कि विद्यार्थियों द्वारा सस्टेनेबल डेवलपमेंट के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने डॉक्टरों और नर्सों को सीड बाल बनाने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि मिट्टी, गोबर और बीज से बने ये गोले वर्षा ऋतु में खुले क्षेत्रों में फेंके जाने पर प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों में परिवर्तित हो जाते हैं। डीआरजी ईको क्लब सागर शर्मा एनसीसी अधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाले दिनों में इसे हर घर, हर गाँव, हर शहर तक भी विस्तारित किया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ ने भी बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि इस तरह की पहलें समाज में हरियाली और जागरूकता दोनों को बढ़ावा देती हैं।

You may have missed