March 7, 2026

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का खतरा, छठ पर बिहार में भी हो सकती है बारिश…

BeFunky-design-81-1
  • बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘मोंथा’ के खतरे के चलते ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना है। बिहार और झारखंड में भी इसके प्रभाव का असर देखने को मिल सकता है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

Heavy Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे 27 अक्तूबर से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले तीन दिनों तक बहुत तेज बारिश होने की आशंका है। सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और पूरी तैयारी रखने को कहा है। अधिकारियों ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में शुक्रवार को एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिसके 27 अक्तूबर तक एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके चलते सोमवार से शुरू होकर तीन दिनों तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

भुवनेश्वर मौसम विभाग की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है। बंगाल से सटे होने के कारण इसका असर बिहार और झारखंड तक में दिख सकता है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि अरब सागर के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व हिस्से में भी एक दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इस बीच उत्तर-पूर्व मॉनसून के सक्रिय होने और पिछले सप्ताह की भारी वर्षा से कावेरी डेल्टा क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में चक्रवात ‘मोंथा’ के असर से तटीय जिलों सहित भीतरी तमिलनाडु में भारी वर्षा की संभावना जतायी गयी है। गौरतलब है कि थाईलैंड द्वारा सुझाये गये नाम ‘मोंथा’ का अर्थ थाई भाषा में “सुगंधित फूल” या “सुंदर फूल” होता है।

उत्तर-पूर्व मॉनसून की सक्रियता के चलते तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो रही है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी जिलों में एहतियाती उपायों की तैयारियों की जानकारी ली है। इस बीच, विपक्ष ने राज्य सरकार पर वर्षा-पूर्व तैयारी में लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि डेल्टा जिलों के प्रत्यक्ष खरीद केंद्रों (डीपीसी) पर किसानों द्वारा भारी मात्रा में रखा गया धान हाल की बारिश से भीग गया हैं।

केंद्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा त्वरित खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध के बाद अधिकारियों की एक टीम भेजी है, जो धान की नमी की सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 21 प्रतिशत करने की आवश्यकता का आकलन करेगी।

केरल में बारिश से पेड़, बिजली के तार टूटे

रात भर हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण केरल के कई हिस्सों में पेड़ और बिजली के तार गिर गए, जिससे घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा और बिजली व यातायात बाधित हुआ।लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया और कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को राज्य के आठ जिलों में सुबह सात बजे से तीन घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।