June 5, 2026

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार सर्दी अधिक कड़क पड़ेगी, तापमान सामान्य से कम रहेगा और शीतलहर के दिनों में बढ़ोतरी होगी।

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नई दिल्ली। भारत में आने वाली सर्दियां पिछली बार की तुलना में ज्यादा कड़क महसूस होंगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच उत्तर, मध्य और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की पूरी संभावना है। कई राज्यों में शीतलहर के दिनों की संख्या बढ़ने का भी अनुमान है जो बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आगामी सर्दियों में उत्तर भारत, केंद्रीय भारत और प्रायद्वीपीय भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने के आसार हैं। इसके विपरीत, पूर्वोत्तर भारत और हिमालय की तलहटी वाले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक दर्ज हो सकता है।

पूर्वानुमान रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में शीतलहर के दिनों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा हो सकती है। इसका असर सबसे अधिक बुजुर्गों, बच्चों, हृदय, फेफड़े और जोड़ों की बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ेगा। इसके साथ ही घना कोहरा रेलवे, हवाई सेवा और सड़क परिवहन को प्रभावित कर सकता है। मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में दिसंबर के दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। अधिकतम तापमान अधिकतर जगह सामान्य से अधिक रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में उलटी प्रवृत्ति (सामान्य से कम) भी संभव है।

बरतें सतर्कता…शरीर को गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का करें सेवन

विशेषज्ञों ने बढ़ती सर्दी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहते हुए शरीर को भीतर से गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। विशेषज्ञ ने कहा, तिल, बादाम, मूंगफली, अखरोट, काजू, चना और गुड़ जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखने में बेहद प्रभावी माने जाते हैं। अदरक, लहसुन, काली मिर्च, दालचीनी और हल्दी जैसी मसालों की थोड़ी मात्रा नियमित भोजन में शामिल करने से रक्त संचार बेहतर होता है और सर्दी से बचाव में मदद मिलती है।

इसके अलावा बाजरा, ज्वार, रागी, ओट्स और दालें जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट वाले अनाज लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं और शरीर में प्राकृतिक गर्मी उत्पन्न करते हैं। पोषण विज्ञान में यह भी माना गया है कि घी, अंडे, चिकन सूप, मूंग दाल और मेथी दानों वाले भोजन सर्द मौसम में प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं और ठंड की मार को कम करते हैं। रोगी इस संबंध में अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

 

 

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