राज्य शासन से चर्चा कर भिलाई इस्पात संयंत्र सौंप – ज्ञानचंद जैन
दुर्ग: छत्तीसगढ़ शासन को विद्युत व्यवस्था हस्तांतरित करने के पूर्व भिलाई टाउनशिप की संपूर्ण भूमि जिसमें मकान और दुकान का क्षेत्र है ,राज्य शासन से चर्चा कर भिलाई इस्पात संयंत्र सौंप दे शहर की,कुछ अच्छी व्यवस्थाओं को बर्बाद करके से ज्यादा अच्छा है समय रहते सौप देना चाहिए और ऐसे बयान,भारतीय इस्पात प्राधिकरण और भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारी,स्वयं सार्वजनिक चर्चाओं में प्रेस मीडिया को कहते भी हैं कि धीरे-धीरे हम अपना कार्य क्षेत्र समेत रहे हैं ,कनफेडरेशन,आफ आल इंडिया ट्रेडर्स छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने,उपरोक्त आशय का प्रस्ताव ,भारतीय इस्पात प्राधिकरण केअधिशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन के के सिंह को दिया है ,ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि 4 दिसंबर को भिलाई इस्पात संयंत्र ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष अपने दिए गए प्रस्ताव पर कहा था कि हम भिलाई टाउनशिप की संपूर्ण विघुत व्यवस्था राज्य शासन को सौंपने की तैयारी में है ,वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि,हम विद्युत व्यवस्था अपने शर्तों पर लेना चाहेंगे क्योंकि एक बड़े शहर के उपभोक्ताओं को राहत देना,और सुव्यवस्थित विद्युत का संचालन हमारी पहली जिम्मेदारी होगी।
विद्युत नियामक आयोग में उपभोक्ता की हैसियत से अपनी आपत्ति दर्ज कर आम उपभोक्ताओं के विचारों को सुनने के लिए आयोग के समक्ष कैट एवं स्टील सिटी चैंबर ने अनेक बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराते हुए अपनी बातों को समाज के विभिन्न संगठनों के साथ प्रस्तुत किया है ।
हालांकि अभी राज्य शासन के जनप्रतिनिधियों उनके अधिकारियों और भिलाई इस्पात संयंत्र के मध्य विद्युत हस्तांतरण को लेकर हो रही चर्चा मै एक दूसरे को अपने विचार आदान-प्रदान कर रहे हैं ,विधि संम्मत कोई भी प्रयास विद्युत मंडल के संज्ञान में नहीं है भिलाई इस्पात संयंत्र ,कै टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट के द्वारा आयोग में दर्ज कराई गई,याचिका में अनेक बिंदु ऐसे हैं इस पर यदि आयोग ने अनुमति दे दी तो शहर अंधकार में डूबा नजर आएगा ।इन्हें विषयों को आधार बनाकर विभिन्न संस्था संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अनेक आपत्ति अध्यक्ष कराई है जब तक भूमि का हस्तांतरण राज्य शासन को नहीं हो जाता तब तक विद्युत व्यवस्था पर विचार करना एक दुखद पहलू होगा राज्य शासन और केंद्र शासन के जनप्रतिनिधियों को भिलाई इस्पात संयंत्र पर इस बात का दबाव बनाना चाहिए छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा विद्युत खपत पर दी जाने वाली छूट का लाभ शहर के उपभोक्ताओं को तत्काल दिया जाए केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत सौर ऊर्जा एवं अन्य सुविधाओं को एक सरल प्रक्रिया के तहत उपभोक्ताओं तक पहुंचा या जाना चाहिए से देश के प्रधानमंत्री की भावनाओं का सम्मान ,केंद्र शासन के इस उपक्रम को करना चाहिए और यदि प्रबंधन नहीं करता है जिम्मैदार जनप्रतिनिधियो को आयोग कै समक्ष ,उपस्थित होकर जान भावनाओं का सम्मान करते हुए सार्वजनिक उपक्रम के जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करने की मांग करना चाहिए ।
व्यापार जगत से जुड़े नेता ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि हमारे संगठनों के माध्यम से इस संदर्भ में शिकायत दर्ज कराई जायेगी ।
समय रहते भिलाई इस्पात संयंत्र का टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल,उपभोक्ता की मांग पर थ्री फेस कनेक्शन घर की सड़कों के विद्युत व्यवस्था को व्यवस्थित करना मेंटेनेंस की व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करना हर बाजार क्षेत्र में उपरोक्त संदर्भ में अपने काउंटर तैयार करना ताकि उपभोक्ताओं की दर्ज शिकायतों पर तत्काल सलाह विद्युत व्यवस्था मिल सके मिल सके इस दिशा मैं विद्युत प्रबंधन को कार्य करना होगा ।
विद्युत हस्तांतरण की वर्तमान प्रक्रिया लंबी चलेगी क्योंकि भिलाई इस्पात संयंत्र और विद्युत मंडल के पद भिलाई इस्पात संयंत्र और विद्युत मंडल के मध्य ऐसा कोई भी विधि संबंध फैसला भी नहीं हुआ है ,आयोग की दूसरी सुनवाई 6 फरवरी को प्रस्तावित है जहां विद्युत मंडल उपरोक्त संदर्भ में उनके बोर्ड आफ डायरेक्टर द्वारा इस अवधि मै क्या निर्णय लैता है उस जानकारी से आयोग को अवगत कराएंगे ।
भारतीय इस्पात प्राधिकरण एवं भिलाई प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी 2030/32 तक मात्र 6000 कर्मचारियों कै भरोसे ,इस्पात संयंत्र के संचालन की बात करते हैं ,उनकी मंशा शहर को बर्बाद करके राज्य शासन को सौंपने की है ऐसी स्थिति में शासन के जागरूक जनप्रतिनिधियों को केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव देकर टाउनशिप के संपूर्ण प्रबंधन राज्य शासन को सौंपने का दिशा निर्देश देने प्रधानमंत्री जी से मुलाकात जरूर करना चाहिए । तभी राज्य ,के अन्य उपभोक्ताओं की तरह भिलाई टाउनशिप के उपभोक्ता अपना जीवन – यापन कर सकेंगे अन्यथा जहां व्यापार समाप्त होगा वहीं व्यापार से जुड़े कर्मचारी बेघर हो जाएंगे और शहर की व्यवस्था भी अस्त-व्यस्त हो जाएगी ।
ज्ञानचंद जैन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गए दस्तावेजों की जानकारी से दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विजय बघेल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पांडेय,को विशेष रूप से भेजते हुए जागरूक जनप्रतिनिधि की भूमिका मैं कार्य करने का निवेदन किया है क्योंकि वर्तमान समय में उनके द्वारा रखे जाने वाले प्रस्तावो पर भी भारतीय इस्पात प्राधिकरण एवं भिलाई इस्पात प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है श्री विजय बघेल सांसद दुर्ग और श्री प्रेम प्रकाश पांडेय,सही शहर के उपभोक्ताओं को वर्तमान समय में रहता मिलने की संभावना है और इन्होंने भी समय रहते इस कार्य को नहीं किया तो तकलीफ बढ़ाने की संभावना भी आम उपभोक्ताओं में बन जाएगी इसलिए एक मार्मिक पत्र के माध्यम से उपरोक्त दोनों जनप्रतिनिधियों से ज्ञानचंद जैन ने निवेदन किया है ।