June 6, 2026

PM मोदी आज और कल दिल्ली में मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की करेंगे अध्यक्षता…

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 और 28 दिसंबर 2025 को दिल्ली में आयोजित होने वाले 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ, यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच केंद्र-राज्य समन्वय को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर ध्यान देना नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक को एक शक्तिशाली ‘मानव पूंजी’ के रूप में विकसित करना है। मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन सहकारी संघवाद के उस विजन को साकार करेगा, जहां दिल्ली से लेकर राज्यों की राजधानियों तक विकास का एक साझा एजेंडा तैयार किया जाएगा।

विकसित भारत के लिए ‘मानव पूंजी’ पर विशेष फोकस

इस बार के मुख्य सचिव सम्मेलन का मुख्य विषय ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में इस बात पर गहन चर्चा होगी कि कैसे शिक्षा और कौशल विकास के जरिए युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाए। सम्मेलन में पांच प्रमुख स्तंभों, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और खेलकूद पर विशेष बल दिया जाएगा। 5वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां वे अपनी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा कर सकेंगे और केंद्र-राज्य समन्वय के माध्यम से विकास की गति को तेज करेंगे।

छह विशेष सत्रों में तैयार होगा ‘विकसित राज्य’ का रोडमैप

मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें शासन और तकनीक के तालमेल पर भी विस्तार से बात होगी। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले छह विशेष सत्रों में राज्यों में नियमों के सरलीकरण (Deregulation), शासन में तकनीक का उपयोग और एग्रीस्टैक (AgriStack) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा। यह सम्मेलन स्मार्ट आपूर्ति श्रृंखला और बाजार संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ ‘एक राज्य, एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल’ जैसी योजनाओं के जरिए राज्यों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। केंद्र-राज्य समन्वय को पुख्ता करने के लिए इन सत्रों में जोखिम प्रबंधन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों पर भी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।

सहकारी संघवाद और साझा विकास का भविष्य

यह मुख्य सचिव सम्मेलन पिछले चार वर्षों की सफल परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिसकी शुरुआत 2022 में धर्मशाला से हुई थी। 5वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन इस मायने में ऐतिहासिक है क्योंकि यह पोस्ट-एलडब्ल्यूई (LWE) भविष्य की योजनाओं और स्वदेशी समाधानों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, जिसके लिए केंद्र और राज्यों का एक साथ मिलकर काम करना अनिवार्य है। सम्मेलन के दौरान आयुष-प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी, जो केंद्र-राज्य समन्वय की भावना को और अधिक समावेशी बनाएंगे।

विकसित भारत संकल्प यात्रा और नागरिकों की भागीदारी

सम्मेलन के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के माध्यम से सीधे लाभार्थियों से संवाद कर रहे हैं, जो जमीनी स्तर पर योजनाओं की सफलता को दर्शाता है। 5वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जहां नीतिगत निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यों के प्रशासनिक मुखिया (मुख्य सचिव) अपनी रणनीतियां साझा करेंगे। मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन यह सुनिश्चित करेगा कि 2047 तक आजादी की 100वीं वर्षगांठ पर भारत एक विश्व गुरु और विकसित राष्ट्र के रूप में उभरे। इस महाकुंभ में सभी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं, ताकि राष्ट्र निर्माण के लिए एक एकीकृत रोडमैप को अंतिम रूप दिया जा सके।

 

 

 

 

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