March 6, 2026

सेंटर आफ स्टील वर्क्स संबंध ऐक्टू की एक बैठक लेबर कोड, पर्यावरण का सवाल और ठेका मजदूरों की समस्या पर 28 दिसंबर को जुबली पार्क, सेक्टर 6, भिलाई में आयोजित किया गया…

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दिनांक 28 दिसंबर 2025:  बैठक में भाकपा( माले) लिबरेशन के’ पर्यावरण बचाओ, भारत बचाओ ‘पर जारी आव्हान का पाठ किया एवं बातचीत किया गया.इस आव्हान में कहा गया है कि हिमालय से लेकर ग्रेट निकोबार, अरावली से लेकर हरदेव अरण्य तक भारत का पर्यावरण बिक्री के लिए नहीं है.

बैठक में चार लेबर कोड के बारे में चर्चा करते हुए कहा गया कि लेबर कोड मेहनतकशों के खिलाफ मोदी सरकार का युद्ध है. यह कोड देश के संविधान पर हमला है.इन लेबर कोड का मतलब है कॉर्पोरेट मालिकों को खुली छूट और मजदूरों की गुलामी, कम वेतन पर ज्यादा काम,कम सुरक्षा और कम आजादी. इन लेबर कोड से आधे से ज्यादा श्रमिक कानून के दायरे से बाहर हो जाएंगे.इन लेबर कोड से सामाजिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी, यूनियन बनाने,सामूहिक संघर्ष व मोलभाव और हड़ताल करने का अधिकार छीन लिया जाएगा. महिला वर्करों को और भी खराब, गैर बराबरी वाले, अपमानजनक और असुरक्षित रोजगार की हालात में धकेला जाएगा.

बैठक में ठेका मजदूरों के साथ हो रहे शोषण और अन्याय पर गहरा रोष व्यक्त किया गया.बैठक में सरकार व प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ श्रमिकों से एकजुट होकर इसका मुकाबला करने की अपील की गई.

बैठक में बृजेन्द्र तिवारी, दीनानाथ प्रसाद,ए बी सिंह, आर पी चौधरी,शशि हरपाल, जनक लाल, रूपेश कोसरे,टीकाराम चुनारकर,ननकू राम ढीमर,मुकेश गोस्वामी,उमेश कुमार,आर पी गजेंद्र, विजय कुमार,मेघनाथ साहू,जीवनलाल कोसरे,धर्मनाथ राय,रमेश साहू,धूलेश्वर साहू,सूर्य भारती आदि लोगों ने हिस्सा लिया.