March 6, 2026

आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं ने SPSI MACRO 2025 सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार जीते…

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आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं ने SPSI MACRO 2025 – 18वें अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार जीतकर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 15 से 18 दिसंबर 2025 के दौरान आईआईटी खड़गपुर द्वारा आयोजित किया गया तथा इसका आयोजन स्थल आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क, न्यू टाउन, कोलकाता रहा। सम्मेलन में पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवीनतम विकासों पर चर्चा के लिए विश्वभर से अग्रणी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

आईआईटी भिलाई के रसायन विज्ञान विभाग के तीन पीएचडी शोधार्थियों को, जो डॉ. संजीब बैनर्जी के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे हैं, उनके उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया। स्वरूप माईती को उनके शोध कार्य “Development of Dynamic Noncovalent Network-Reinforced Self-Healing Elastomers with Tunable Damping and Impact Resilience” के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें प्रभाव सुरक्षा और कंपन अवशोषण के लिए उन्नत इलास्टोमेरिक सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। निशिकांत सिं को उनके पोस्टर “Ultrasmall Sulfur-dots-mediated Facile Photopolymerization for the Production of Smart Injectable Ink for 3D Printing Applications” के लिए सम्मानित किया गया, जो अगली पीढ़ी की एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग हेतु नवीन फोटोपॉलिमराइज़ेशन रणनीतियों को दर्शाता है। सुदीप्त पॉल को उनके शोध कार्य “Multifunctional Polymeric Architecture as UV-Shielding Thermo-Sensor for Smart Window and Security Applications” के लिए यह पुरस्कार प्राप्त हुआ, जिसमें स्मार्ट एवं ऊर्जा-कुशल तकनीकों के लिए पॉलिमर-आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए हैं।

यह सम्मान उन्नत पॉलिमरिक सामग्रियों और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आईआईटी भिलाई की बढ़ती शोध पहचान को रेखांकित करता है तथा संस्थान में हो रहे उच्च-गुणवत्ता वाले डॉक्टोरल अनुसंधान को दर्शाता है। पुरस्कार प्राप्त शोध कार्यों में मौलिक रसायन विज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगों, जैसे स्मार्ट सामग्री, विनिर्माण एवं ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, का सशक्त अंतर्विषयक संयोजन दिखाई देता है। संकाय सदस्यों और सहपाठियों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस प्रकार की उपलब्धियाँ आईआईटी भिलाई को उच्च-प्रभाव वाले वैज्ञानिक अनुसंधान के एक उभरते केंद्र के रूप में और सुदृढ़ करती हैं।