डॉ खूबचन्द बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई–3 में की प्राचार्य डॉ आश्विन महाजन द्वारा बसंत पंचमी का गरिमामय आयोजन…
भिलाई–3 स्थित डॉ खूबचन्द बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्या, ज्ञान और संस्कृति के पावन पर्व बसंत पंचमी का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं सांस्कृतिक वातावरण से भर दिया। बसंत पंचमी को विद्या, बुद्धि और विवेक की देवी माँ सरस्वती की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है, इसी भाव के साथ महाविद्यालय परिवार ने इस आयोजन को संपन्न किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन ने अपने उद्बोधन में बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, सृजनशीलता और नवीन ऊर्जा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन शैक्षणिक वातावरण को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और भारतीय परंपराओं से जुड़ने का अवसर देते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ भारती सेठी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में आशा, उल्लास और नवचेतना का संदेश लेकर आती है।
उन्होंने कहा कि माँ सरस्वती ज्ञान के साथ-साथ विवेक और संस्कार की भी प्रतीक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना से भी जोड़ें। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्राध्यापकगण ने भी बसंत पंचमी के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व पर अपने विचार साझा किए। सभी ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के आयोजनों से सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है इस आयोजन में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण की उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और अधिक बढ़ गई।


