March 10, 2026

निगम की परियोजना शाखा में हुए 12.66 करोड़ के पेवर ब्लॉक कार्यों में संगठित भ्रष्टाचार की जांच यदि 15 दिन में नहीं हुई तो मामले को ईओडब्लू और एसीबी को सौंपूंगा – संतोष 

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  • आयुक्त राजीव पांडे और महापौर भिलाई नगर निगम को लूट रहे हैं
  •  निगम आयुक्त कांग्रेस के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं

भिलाई:  भाजपा पार्षद नगर पालिक निगम भिलाई के भाजपा पार्षद संतोष मौर्य ने आयोजित पत्रकार वार्ता में निगम भिलाई की परियोजना शाखा में 12.66 करोड़ रुपए के पेवर ब्लॉक कार्यों में हुए संगठित भ्रष्टाचार एवं 33 से अधिक भ्रष्टाचार के मामलों की कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच समिति बनाकर जांच करने की मांग की. 15 दिन के भीतर यदि जांच नहीं होगी तो मैं सीधे इस भ्रष्टाचार का पुलिंदा लेकर एसीबी एवं ईओडब्ल्यू को शिकायत की कॉपी सौंपूंगा. उसके बाद भी यदि मुझे न्याय नहीं मिला, तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाना से भी हम पीछे नहीं हटेंगे.

निगम में संचालित कांग्रेस शहर सरकार के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को जनता के बीच लाना भाजपा पार्षदों का मूल दायित्व – भारती

जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी को भी नहीं बक्शा जायेगा

श्री मौर्य आज समस्त महिला एवं पुरुष भाजपा पार्षदों एवं पूर्व विधायक डोंगरगढ़, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा एवं दुर्ग जिला प्रभारी राम जी भारती की मौजूदगी में निगम आयुक्त महापौर एवं परियोजना शाखा के अफसरों पर सीधे-सीधे भ्रष्टाचार एवं लूट पाट का आरोप लगाया. जनता की कमाई के पैसे लुटने नहीं दूंगा. अंतिम निर्णय तक मेरी यह लड़ाई जारी रहेगी. निगम के अफसर आरटीआई का जवाब भाजपा पार्षदों को नहीं देते हैं. आयुक्त राजीव पांडेय कलेक्टर दुर्ग को कोई भी जानकारी देना उचित नहीं समझते हैं और ना ही आज तक उन्होंने कोई जानकारी कलेक्टर को दी है. पिछले 23 महीनों की अवधि में परियोजना शाखा के माध्यम से लगभग 12 करोड़ 66 लाख के पेवर ब्लॉक कार्य स्वीकृत हुए और उनका भुगतान भी कर दिया गया. यह भारी वित्तीय अनियमितता है और नियमों की खुलेआम अवहेलना है. निगम में पारदर्शिता समाप्त हो गई है. 50 हजार से लेकर 5 करोड़ तक की निविदाएं परियोजना शाखा से जारी की जा रही है. पसंदीदा इंजीनियर की नियुक्ति कर, पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाये जाने के लिए निविदा शर्तें बनाई जा रही है. न तो आम जनता को लाभ मिला और न ही भाजपा पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य हुआ. यदि लाभ हुआ तो वह ठेकेदार और अधिकारी के गठजोड़ में फलाफूला व्यापार बना. समस्त भाजपा पार्षदों की मांग है कि परियोजना शाखा के अंतर्गत सभी 33 कार्यों की कलेक्टर की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच हो. छुपाई गई फाइलें तत्काल सार्वजनिक की जाए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फाइलें गायब कर दी गई अथवा जला दी गई. निगम आयुक्त राजीव पांडे कांग्रेस एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं. यदि फाइलें गुम हुई अथवा जली तो उसकी एफआईआर लिखने का दायित्व निगम आयुक्त का पहले बनता है. दोषी अफसरों एवं ठेकेदारों पर कठोर कानूनी कार्यवाही हो. निगम में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए. पूर्व में भी कई जांच रिपोर्टों को दबाया गया है. सामान्य सभा में सफाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच समिति का गठन किया गया था किंतु जांच का पता नहीं. 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है. 1 जनवरी 2022 से आज तक परियोजना शाखा द्वारा सरकारी योजना, कोई भी जनहितकारी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है. निगम की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वाहनों में डीजल पेट्रोल तक नहीं डलवा पा रहे. सामान्य सभा में मेरे द्वारा 17 अक्टूबर 2025 को शपथ पत्र देकर परियोजना शाखा के कार्यों पर सीधा और स्पष्ट आरोप लगाया था कि पेवर ब्लॉक कार्य स्वीकृत प्राकल्लनों के अनुरूप नहीं है. कार्यों में गुणवत्ता, मात्रा,स्थल एवं भुगतान सभी स्थलों पर गंभीर अनियमितता है. यदि मेरे आप झूठे हैं तो मैं अपनी पार्षदी दांव पर लगाकर कलेक्टर महोदय से अनुरोध करूंगा कि मेरी पार्षदी को शून्य कर दें. पार्षद महेश वर्मा द्वारा 9 जून 2025 को आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई, लेकिन निगम के अफसर ने आज तक उपलब्ध नहीं कराई है. भाजपा पार्षद संतोष ने 7 नवंबर 2025 को भी भ्रष्टाचार संबंधी आवेदन दिया था. विभाग द्वारा 22 जनवरी 2026 को 13 फाइलों की अधूरी, स्पष्ट और भ्रमित करने वाली जानकारी उपलब्ध कराई. इन 13 फाइलों की अनुमानित लागत 6 करोड़ 20 लख रुपए है. अभी 20 पायलट जानबूझकर छुपी जा रही हैं. वह किसके दबाव से है. उनका अनुमानित कार्यादेश 6 करोड़ 40 लाख रुपए है. आरटीआई का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है ताकि भ्रष्टाचार सामने ना आए. आयुक्त की भूमिका पर भी श्री मौर्य ने उठाए गंभीर सवाल. मेरे द्वारा तमाम जनप्रतिनिधियों सामाजिक संगठनों के पास जाकर परियोजना शाखा के अफसर की शिकायत किया. लेकिन आयुक्त कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रहे. मैं मांग करता हूं कि आयुक्त निष्पक्ष रूप से कार्य करें. भाजपा पार्षदों द्वारा की जा रही शिकायतों को आयुक्त राजीव पांडे हंसी ठिठोली करके बातों को टाल दे रहे हैं. यह आयुक्त की नियमित कार्यशैली बन गई है. पेवर ब्लॉक में हुए भ्रष्टाचार कि मैं पांच बार लिखित पत्राचार कर चुका हूं किंतु आज तक उत्तर नहीं मिला है. परियोजना शाखा में पदस्थ अफसरों को नोटिस तक जारी नहीं हुआ है. जांच समिति बनाने में जानबूझकर की जा रही है देरी. हम महापौर से नहीं घबराते हैं. 4 वर्षों में हुई लूट खसोट को हम जनता के बीच लाना चाहते हैं. निगम भिलाई में संगठित गिरोह को चलाया जा रहा है. राज्य सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव को भाजपा पार्षदों से नहीं पूछा जाता है. निगम ने आजादी के पहले चल रही ईस्ट इंडिया कंपनी को भी पीछे छोड़ दिया हैं. भिलाई निगम की परियोजना शाखा के अफसर और आयुक्त भिलाई नगर निगम को पूरी तरह लूट रहे हैं. निगम आयुक्त और महापौर सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं. हमारा मूल उद्देश्य है कि राज्य सरकार की बड़ी योजनाएं धरातल पर दिखे.

पूर्व विधायक डोंगरगढ़, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा एवं दुर्ग जिला प्रभारी राम जी भारती ने भी आयोजित पत्र वार्ता में भाजपा पार्षदों की मौजूदगी में नगर निगम भिलाई की शहर सरकार जो कि कांग्रेस की है, उनके महापौर एवं आयुक्त पर पेवर ब्लॉक मामले में सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने भाजपा पार्षदों का पक्ष लेते हुए कहा कि इस नगर निगम में भाजपा के पार्षद काफी जागरूक हैं. गत दिवस में भाजपा पार्षद की बैठक दल में शामिल हुआ था. जिसमें इस निगम में हुए पेवर ब्लॉक, साफ सफाई एवं पेयजल मामले में हुए भ्रष्टाचार में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. राज्य सरकार जांच रिपोर्ट आने के बाद अपना अंतिम निर्णय सुनायेगी. चूंकि अभी एसआईआर का कार्य चल रहा है इस कारण निगम आयुक्त को अभी नहीं हटाया जा सकता है. जो लोग भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं, उन पर निश्चित रूप से कार्यवाही होगी. भ्रष्टाचार के ये आरोप प्रत्यारोप हम चुनाव लड़ने के लिए नहीं कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी को चुनाव लड़ना आता है. कोई भी जनप्रतिनिधि व अफसर अब नहीं बचेगा. महापौर विष्णु देव साय पर भारी नहीं पड़ रहे हैं. इस निगम को महापौर और आयुक्त लूट रहे हैं. निगम में हो रहे भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाने के लिए हमने यह प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की है.

जनप्रतिनिधि हो या अफसर जाएंगे जेल, संपत्ति बेचकर की जाएगी वसूली- दया

सुशासन की सरकार में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

वहीं भाजपा पार्षद एवं उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने भी कहा कि निगम में चल रहे भ्रष्टाचार में शामिल जनप्रतिनिधि व अफसर जाएंगे सीधे जेल. किसी को भी सुशासन की सरकार में लूट की छूट नहीं है. यदि भ्रष्टाचार किया है तो उसकी संपत्ति को बेचकर उसे वसूल करने का कार्य हमारे सुशासन की सरकार करेगी. इस संबंध में निगम आयुक्त राजीव पांडेय से फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया किंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

आयोजित पत्रकार वार्ता में उपस्थित लोगों में पूर्व सभापति श्यामसुंदर राव, प्रेमलाल साहू, पार्षद वीणा चंद्राकर, पार्षद सत्यवती जायसवाल, पार्षद मुकेश अग्रवाल, पार्षद भोजराज सिन्हा, जालंधर सिंह, राजू धनकर, सुषमा जेठानी, भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, राम उपकार तिवारी, पीयूष मिश्रा, भाजपा महिला पार्षद अन्नू राणा, विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पार्षद एवं संगठन के लोग उपस्थित थे.

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