March 6, 2026

भारत A1 इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे ब्रिटेन के पूर्व PM सुनक…

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नई दिल्ली: नई दिल्ली में होने वाली इंडिया एआई समिट 2026 में दुनियाभर के टेक लीडर्स और पॉलिसी मेकर्स शामिल होंगे. यह समिट ऐसे समय हो रही है, जब एआई का असर आम आदमी के जीवन में भी देखा जाने लगा है,

एआई की दुनिया में जल्द ही भारत का नाम पूरे जोर से गूंजेगा, जब बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ, पॉलिसी मेकर और दूसरे टेक लीडर दिल्ली में होने वाली इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में जुटेंगे. 16 से 20 फरवरी तक दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली यह समिट भारत के सबसे बड़े हाई-प्रोफाइल टेक इवेंट्स में से एक है. इस बार यह समिट ऐसे समय में हो रही है, जब इकॉनमी से लेकर गवर्नेंस तक हर जगह एआई का असर देखा जा रहा है.

ये टेक लीडर होंगे समिट में शामिल

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एआई समिट को लेकर दुनियाभर में उत्साह देखा जा रहा है और अब तक इसके लिए 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. बड़े नामों की बात करें गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचई, एनवीडिया के फाउंडर Jensen Huang, डीपमाइंड के सीईओ Demis Hassabis, माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट Brad Smith और क्वालकॉम के सीईओ Cristiano Amon इस समिट में हिस्सा ले सकते हैं. OpenAI के CEO Sam Altman भी इस समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं. इनके अलावा मुकेश अंबानी, सुनील भारती मित्तल, नंदन नीलेकणी भी इस समिट में भाग ले सकते हैं. माना जा रहा है कि इंफोसिस, HCL, इंटेल, एडोबी और दूसरी कई टेक कंपनियों के अधिकारी भी इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में शामिल होंगे.

इन बड़े नामों के भी भाग लेने की उम्मीद

 

टेक लीडर्स के अलावा इस समिट में बिल गेट्स और वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के सीईओ Borge Brende समेत 15-20 देशों के प्रमुख, दुनियाभर से लगभग 50 मंत्री और 40 से अधिक ग्लोबल और इंडियन सीईओ भाग लेंगे. ऐसे में देखा जाए तो इस समिट में टेक लीडर्स और पॉलिसी मेकर्स का जमावड़ा होगा.

 

यह समिट क्यों जरूरी है?

 

एआई की बात करें तो यह हेल्थकेयर, एजुकेशन, गवर्नेंस और पॉलिसी मेकिंग समेत कोई भी ऐसा फील्ड नहीं बचा है, जहां एआई का असर नहीं देखा जा रहा. अब यह केवल प्राइवेट सेक्टर का टूल नहीं रहा है और आम लोगों के जीवन पर इसका सीधा असर पड़ने लगा है. ऐसे समय में भारत में हो रही यह समिट और भी जरूरी हो जाती है, जहां दुनियाभर के विद्वान बैठकर इस पर डिस्कशन कर सकेंगे.

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