June 6, 2026

भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है’, AI समिट में बोले PM मोदी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में चल रही AI इम्पैक्ट समिट को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ये समिट जिस भारत में हो रहा है, वो 1/6 दुनिया का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश, टेक पूल है। भारत नई तकनीक बनाता भी है और उसे तेजी से अपनाता भी है। नई तकनीक की ओर उत्सुक 140 करोड़ भारतीयों की ओर से सभी का स्वागत करता हूं।”

प्रधानमंत्री बोले- AI का लोकतंत्रीकरण करना जरूरी

भारत AI को किस तरह से देखता है, उसका स्पष्ट संदेश इस समिट की थीम में है- सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। यही हमारा बेंचमार्क है। AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा नहीं बन जाए और कच्चे माल तक सीमित न रह जाए, इसलिए AI का लोकतंत्रीकरण करना होगा। इसे समावेशिता का माध्यम बनाना होगा। हमें AI को खुला आसमान भी देना है, लेकिन कमांड भी अपने हाथ में रखना है।”

प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें

AI मशीनों को इंटेलिजेंट बना रहा है और इंसानी काबिलियत को भी कई गुना बढ़ा रहा है। यह बहुत तेजी से और उम्मीद से ज्यादा बड़े पैमाने पर हो रहा है।

पहले तकनीक का असर दिखने में दशकों लग जाते थे। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर ज्यादा तेज, गहरा और बड़ा है।

आज दुनिया जो देख रही है, वह AI के असर की बस शुरुआत है।

प्रधानमंत्री ने जारी किया AI के लिए MANAV विजन

प्रधानमंत्री ने AI के लिए MANAV विजन जारी किया। इसमें M मतलब नैतिक और एथिकल सिस्टम, A मतलब अकाउंटेबल गवर्नेंस, N मतलब नेशनल सॉवरेनिटी, A यानी एक्सेसिबल और इनक्लूसिव और V मतलब वैलिड और लेजिटिमेट है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें बड़े सपने देखने होंगे, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। हमें यह ध्यान में रखना होगा कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए कैसा AI छोड़कर जा रहे हैं और वर्तमान में हम AI के जरिए क्या कर रहे हैं।”

एपस्टीन विवाद के बीच टला बिल गेट्स का संबोधन

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स भी आज समिट को संबोधित करने वाले थे। हालांकि, अब गेट्स फाउंडेशन ने कहा है कि गेट्स संबोधन नहीं देंगे। उनकी जगह अफ्रीका और भारत कार्यालय के अध्यक्ष अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

फाउंडेशन का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि समिट की मुख्य प्राथमिकताओं और चर्चाओं पर पूरा ध्यान बना रहे।

माना जा रहा है कि एपस्टीन विवाद के चलते गेट्स ने ये फैसला लिया है।

अश्विनी वैष्णव बोले- तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना प्रधानमंत्री का विजन

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आइए हम इंसानों का, इंसानों द्वारा और इंसानों के लिए एक AI भविष्य बनाएं। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि तकनीक की असली ताकत तभी है, जब उसका फायदा आम जनता तक पहुंचे। हमारे प्रधानमंत्री का विजन तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना, उसे बड़े स्तर पर लागू करना और समाज के हर व्यक्ति तक इसकी पहुंच आसान बनाना है।”

उन्होंने समिट में शामिल सभी लोगों

को धन्यवाद भी दिया।

 

 

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