भिलाई की जीवनरेखा सेक्टर-9 अस्पताल को मिलेगा संजीवनी वरदान : सदन में विधायक रिकेश की पहल पर अशासकीय संकल्प पारित…
- लखनऊ पीजीआई की तर्ज पर विकसित हो इस्पात बिरादरी का यह प्रतिष्ठित चिकित्सालय-रिकेश
भिलाई नगर, 13 मार्च। आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदन में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा प्रस्तुत एक महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस संकल्प के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र के पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 को लखनऊ के पीजीआई की तर्ज पर विकसित करने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी गई है।
*अस्पताल की ऐतिहासिक महत्ता और वर्तमान चुनौती*
विधायक श्री सेन ने सदन को अवगत कराया कि अपनी स्थापना के समय से ही सेक्टर-9 अस्पताल न केवल भिलाई-दुर्ग, बल्कि अविभाजित मध्य प्रदेश और वर्तमान छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ख्याति प्राप्त करने वाले इस अस्पताल का बुनियादी ढांचा और सेटअप समय के साथ उपेक्षित हुआ है, जिससे इसकी सेवाओं के स्तर पर प्रभाव पड़ा है।
*निजीकरण की आशंकाओं पर विराम*
पिछले कुछ समय से इस्पात बिरादरी और रिटायर्ड कर्मियों के बीच अस्पताल के निजीकरण की चर्चाओं से चिंता का माहौल था। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए रिकेश सेन ने सेल प्रबंधन और निदेशक प्रभारी से चर्चा के बाद निजीकरण की अटकलों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निजीकरण नहीं, बल्कि इस संस्थान का आधुनिकीकरण और उन्नयन है ताकि इसे देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में खड़ा किया जा सके।
*संकल्प के मुख्य बिंदु*
अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस कर लखनऊ पीजीआई के समकक्ष बनाया जाए। अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर है।
आपको बता दें कि बीएसपी कर्मियों, उनके परिवारों और प्रदेश की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।
विधायक रिकेश सेन की इस दूरगामी पहल से न केवल इस्पात नगरी भिलाई, बल्कि पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है। सदन द्वारा पारित यह अशासकीय संकल्प सेक्टर-9 अस्पताल के सुनहरे भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।