June 5, 2026

बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसानों को मिलेगा मुआवजा…

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केंद्रीय कृषि मंत्री ने वैज्ञानिक तरीके से नुकसान के आकलन के दिए निर्देश

देश के कई हिस्सों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक बदले मौसम के कारण रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा है कि प्रभावित किसानों को राहत और बीमा क्लेम में किसी तरह की देरी नहीं होने होने दी जाएगी। नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि फसल नुकसान का वैज्ञानिक आकलन कर समय पर किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने पर भी है।

वैज्ञानिक तरीके से होगा नुकसान का आकलन

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी तेज बारिश या ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां तुरंत क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के जरिए नुकसान का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर देते हुए कहा कि राहत प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि किसानों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होनी चाहिए, जिससे किसानों को उनका हक समय पर मिल सके।

किसानों को समय पर मिले सलाह और सहायता

बैठक में मौसम पूर्वानुमान और फसलों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य आने वाले दिनों में संभावित मौसम जोखिमों के अनुसार तैयारी करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग, राज्य सरकारें और अन्य संबंधित संस्थाएं मिलकर ऐसी कार्य योजना तैयार करें, जिससे किसानों को समय पर सलाह, तकनीकी सहायता और सुरक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय को स्थिर रखना और जोखिम कम करना भी है। इसके लिए फसल स्थिति, मौसम जोखिम, खरीद व्यवस्था और राहत तंत्र के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

एमएसपी (MSP) पर दलहन खरीद पर फोकस

बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दलहन खरीद को लेकर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल्द ही गेहूं और धान की सरकारी खरीद शुरू होने वाली है और इस बार उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों की खरीद पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे जितनी दलहन बेचना चाहेंगे, उतनी खरीद सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उन्हें MSP से कम दाम न मिले।

क्वालिटी सुधार पर रहेगा जोर

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि अब कृषि नीति का फोकस केवल उत्पादन (क्वांटिटी) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गुणवत्ता (क्वालिटी) सुधार पर भी उतना ही ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के शरबती गेहूं को बाजार में MSP से 400 रुपये तक अधिक दाम मिलते हैं। ऐसे में बेहतर किस्मों, बायोफोर्टिफाइड और उच्च गुणवत्ता वाले अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने किसानों से किस्म चयन और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

विकसित कृषि संकल्प अभियान की तैयारी

सरकार जल्द ही “विकसित कृषि संकल्प अभियान” शुरू करने जा रही है। इसके तहत किसानों को उन्नत तकनीक, बेहतर बीज और सही फसल चयन की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा खरीफ सीजन की तैयारी के लिए देशभर में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। ये सम्मेलन जयपुर (7 अप्रैल), लखनऊ (17 अप्रैल) और ओडिशा (24 अप्रैल) सहित विभिन्न जोनों में होंगे, जिनमें वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की भागीदारी रहेगी। सरकार बीज से लेकर बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए फसल और राज्य आधारित कृषि रोडमैप भी तैयार कर रही है।

सरकार के रुख से किसानों को राहत

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बीच सरकार का यह रुख किसानों के लिए राहत भरा है। वैज्ञानिक आकलन, समय पर मुआवजा, एमएसपी (MSP) पर खरीद और गुणवत्ता सुधार जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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साप्ताहिक कृषि समाचार: गेहूं खरीद, फार्मर आईडी और MSP पर बड़े फैसले, किसानों को मिली राहत

यूपी में 10 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य, 31 मार्च तक फार्मर आईडी अनिवार्य, यूरिया उत्पादन बढ़ने से खाद संकट टला

देशभर में इस सप्ताह कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आई हैं। किसानों की आय, सरकारी योजनाएं, फसल खरीद और उर्वरक आपूर्ति को लेकर सरकारों ने बड़े फैसले लिए हैं। आइए जानते हैं कृषि क्षेत्र की हफ्ते भर की प्रमुख कृषि खबरें।

 

पश्चिम बंगाल: किसानों के लिए बड़े वादे और योजनाएं

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार की “कृषक बंधु” योजना के जरिए लगभग 1.4 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को सीधे नकद सहायता और बीमा का लाभ मिलता है, जिससे उनकी आय में स्थिरता आती है। सरकार का कहना है कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, खासकर ऐसे समय में जब मौसम और बाजार की अनिश्चितता बढ़ रही है। इसके साथ ही कृषि बजट में भी किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

 

उत्तर प्रदेश: गेहूं खरीद का बड़ा लक्ष्य

उत्तर प्रदेश में रबी सीजन को लेकर सरकार ने गेहूं खरीद की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस साल 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया है। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में लगभग 5,000 क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें मोबाइल खरीद केंद्र भी शामिल हैं ताकि दूरदराज के किसानों को भी सुविधा मिल सके। साथ ही पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

यूपी में फार्मर आईडी अनिवार्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब 31 मार्च तक सभी किसानों को “फार्मर आईडी” बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह आईडी जरूरी होगी। इससे किसानों का डेटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते में पहुंच सकेगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी लाभार्थियों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

खाद की चिंता खत्म: यूरिया उत्पादन में 23% बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए उर्वरक आपूर्ति को लेकर बड़ी राहत दी है। देश में यूरिया उत्पादन में करीब 23% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बढ़ाई है, जिससे उत्पादन क्षमता में तेजी आई है। इसके साथ ही देश में यूरिया और डीएपी (DAP) का पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है। आंकड़ों के मुताबिक, यूरिया का स्टॉक पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कदम खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए उठाया गया है, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके।

 

कपास किसानों को राहत: MSP पर बड़ा फैसला

कपास किसानों के लिए भी इस सप्ताह अच्छी खबर आई है। सरकार ने कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए 1718 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता को मंजूरी दी है। इस फैसले से बाजार में कपास के दाम गिरने की स्थिति में किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। MSP पर खरीद बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और आय में स्थिरता आएगी।

 

किसानों के लिए राहत और नई उम्मीद

इस सप्ताह की कृषि खबरों से साफ है कि सरकारें किसानों की आय बढ़ाने, फसल खरीद को मजबूत करने और उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने पर फोकस कर रही हैं। पश्चिम बंगाल में आय सहायता योजनाएं, उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद और फार्मर आईडी, देशभर में उर्वरक उत्पादन बढ़ोतरी और कपास किसानों के लिए MSP समर्थन, ये सभी कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह सप्ताह किसानों के लिए राहत और नई उम्मीद लेकर आया है।

 

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