भाजपा किसान मोर्चा द्वारा “12 साल बेमिसाल” के तहत जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन संपन्न…
- जैविक खेती अपनाकर अपनी भूमि और जीवन दोनों को सुरक्षित रखें – विजय बघेल
- आने वाली पीढ़ियों और धरती को बचाने के लिए जैविक खाद का उपयोग आवश्यक – आलोक ठाकुर
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्षों के कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित “12 साल बेमिसाल” कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग एवं भिलाई जिला द्वारा संयुक्त रूप से एक दिवसीय जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, अंजोरा में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, महापौर अलका बाघमार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य माया बेलचंदन एवं पदमा देवांगन, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रोहित राजपूत, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, दुर्ग संभाग किसान मोर्चा प्रभारी कुलेश्वर चंद्राकर, भिलाई किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष दीपक यादव, जिला महामंत्री अजीत चंद्राकर, राजेश यादव सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग, जैविक उत्पादों के महत्व तथा प्राकृतिक खेती के लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित कृषकों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर उत्पादन को लेकर कुछ आशंकाएं हो सकती हैं, लेकिन दीर्घकाल में प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, भूमि की गुणवत्ता सुधारने तथा स्वास्थ्यवर्धक खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में हम पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के साथ समझौता कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि जैविक खाद कृषि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम है। इसके उपयोग से भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है, उत्पादन लागत कम होती है तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी और सुरक्षित पर्यावरण के लिए जैविक खेती को जनआंदोलन बनाना होगा।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि जैविक खेती आज समय की आवश्यकता बन चुकी है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, जबकि जैविक खेती भूमि की गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह दी।
जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने किसानों को नमन करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प तभी पूरा होगा, जब कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनेगा। उन्होंने किसानों से गोबर खाद सहित पारंपरिक संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यशाला को भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रोहित राजपूत, डॉ. डुमेश कुमार साहू (AWPL), डॉ. रोशन साहू (केवीके), निशा शर्मा (केवीके) एवं उमेश पटेल (केवीके) ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन किसान मोर्चा जिला महामंत्री अजीत चंद्राकर ने किया।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, सरिता मिश्रा, राजीव पांडेय, हर्षा चंद्राकर, नीलेश अग्रवाल, राजा महोबिया, रजनीश श्रीवास्तव, आसपुरन चौधरी, उमेश गिरी, धर्मपाल वर्मा, प्रवीण मोहन (पिंटू), विनोद चंद्राकर, रिजु ताम्रकार, जोहन वर्मा, कुरैशी, कौशल साहू, हेमंत सिन्हा, अनुपम साहू, राजू जंघेल, लिकेश्वर देशमुख, कीर्ति नायक, लीमन साहू, श्वेता अग्रवाल सहित किसान मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित रहे।

