स्कूल पहुंचे पुलिस अफसर, बच्चों को पढ़ाया साइबर सुरक्षा का पाठ…
- नए आपराधिक कानूनों की दी जानकारी, खेल सामग्री बांटकर बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
जांजगीर-चांपा। जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस का जागरूकता अभियान लगातार जारी है। सोमवार को थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही स्थित हाई स्कूल में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव और नए आपराधिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं बिर्रा के सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यार्थियों को खेल सामग्री वितरित कर शिक्षा के साथ खेल संस्कृति को भी बढ़ावा दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी (अजाक) सतरूपा तारम ने विद्यार्थियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के प्रमुख प्रावधानों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी हर नागरिक के लिए जरूरी है और इसकी शुरुआत विद्यार्थियों से होना समाज के लिए सकारात्मक कदम है।
कार्यक्रम में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर अपराधियों के नए हथकंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, एटीएम, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
डीएसपी सतरूपा तारम ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। बच्चों में कानूनी जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा की समझ विकसित कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना इस अभियान का उद्देश्य है।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने सरस्वती शिशु मंदिर, बिर्रा के विद्यार्थियों को खेल सामग्री वितरित की। खेल सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। शिक्षकों और ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी अभियान बताया।