“सूखती धरती मुरझाती कलियाँ, पेड़ लगाकर भरदो खुशियां”…
जीवनदायनी को ऋतु-चक्र के बिगड़ते । रूप को संवारने हेतु 11 जुलाई 2026 को शकुन्तला विद्यालय के हरितमय परिवेश में वनमहोत्स मनाया गया । एक पेड़ माँ के नाम 3 के मंत्रसूत्र पर शाला में महोत्सव सप्ताह मनाया गया जिसमें प्रतिदिन भिन्न-भिन्न क्रिया-कलाप व सांस्कृतिक कार्यक्रम-धरती मां को पत्र, भाषण] कवितावाचन, समूह नृत्य, गीत, लघु नाटिका, चित्रकारी, श्लोगन प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम से छात्रों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। प्रोटीन कृषि पर ज्ञानवर्धक मंच प्रस्तुति दी गई।
“जन-जन चेतो” हर पल सोचो, आगे बढ़ो प्रदूषण रोको ” – का उद्देश्य लेकर विद्यालय से चेतना रैली निकाली गई।
इस अवसर पर पर्यावरण मित्र पुरस्कार प्रियांशी शर्मा (पहली), दीपाली साहू (आठवी), ख्याति (नवमी), आयुष साव (ग्यारहवी), उन छात्रों को दिया गया जिन्होंने अपने अपने घरों में सुंदर वाटिका बनाई हैं । पुरस्कृत विद्यार्थियों के दादा-दादी या माता-पिता ने शाला प्रभारी और डायरेक्टर सर के साथ वृक्षारोपण किया। इस धरती की इस धरती की हरितमा बनी रहे इस कर्तव्य पर समर्पित रहने के लिए शिक्षक एन. सुनील ने सभी को शपथ ग्रहण करायीA
सभा को संबोधित करते हुए शकुंतला स्कूल के डायरेक्टर संजय ओझा जी ने कहा- वैश्विक स्तर पर मचे संग्राम ने जो क्षति हमारे पर्यावरण को पहुंची भयानक रूप आज मौसम की क्रूरता में दिखाई दे रहा है, इस चपेटाघात से यदि हमें धरती और जीवन को बचाना है तो हम सबको अपने स्तर पर वसुंधरा की हरियाली को बढ़ाने और प्रदूषण के रोकथाम पर विचार ही नहीं, व्यवहार करना पड़ेगा । जल “जंगल” जीवन एक मात्र पेड़ से संरक्षित है । उन्होंने नारा देते हुए कहा- “इस संकट का एक उपचार, हर घर मिले पेड़ दो-चार । मंच संचालन की और आधार प्रदर्शन की रीति माही बंजारा एवं वर्षा वर्मा ने पूरी की।
इस अवसर पर शाला के प्राचार्य विपिन कुमार, मेनेजर ममता ओझा (शारदा विद्यालय रिसाली) एवं अन्य इंचार्ज तथा शिक्षक एवं विद्यार्थी इस उत्सव के सहभागी बने |

