कांग्रेस स्मार्ट मीटर पर जनता को गुमराह करना बंद करे– प्रेम लाल साहू
भिलाई :– जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग–भिलाई के द्वारा स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस का विरोध पूरी तरह अवसरवादी राजनीति और जनता को भ्रमित करने का एक सुनियोजित प्रयास है। जिस स्मार्ट मीटर योजना को लेकर आज कांग्रेस धरना-प्रदर्शन और बयानबाजी कर रही है, उसी योजना का अनुबंध सन 2022 को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल थे। इसलिए कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने निर्णयों का जवाब प्रदेश की जनता को देना चाहिए।
यदि स्मार्ट मीटर जनता के हित में नहीं था, तो कांग्रेस सरकार ने इसका अनुबंध क्यों किया? और यदि उस समय यह योजना सही थी, तो आज सत्ता से बाहर होने के बाद उसका विरोध क्यों किया जा रहा है? यह कांग्रेस के दोहरे चरित्र और राजनीतिक अवसरवाद का स्पष्ट प्रमाण है।
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णुदेव साय जी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। किसी भी उपभोक्ता पर इसे लगाने का दबाव नहीं डाला जाएगा। इसके बावजूद कांग्रेस झूठ, भ्रम और भय फैलाकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।
नगर पालिका निगम भिलाई चरोदा क्षेत्र में कांग्रेसियों के द्वारा स्मार्ट मीटर हटाने लिए जनता फॉर्म भरवाने का काम महज दिखावा है जनभावना को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है, जब अनुबंध किया था तब क्या कुम्भकर्णीय निद्रा में थे जो सत्ता जाने के बाद जाग रहें है, लगने का अनुबंध न किया होता तो हटाने का प्रश्न ही नहीं उठता।
नगर निगम भिलाई–चरोदा के कांग्रेस नित शहर सरकार हर क्षेत्र में विफल हो चुकी है, बड़ा काम तो छोड़िये बिजली, पानी, सफाई, सड़क व नाली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं दे पा रहें है वो जनता का ध्यान भटकाने का असफल प्रयास कर रहे है ।
कांग्रेस का इतिहास झूठे प्रचार, भ्रम फैलाने और अपनी विफलताओं को छिपाने का रहा है। जब-जब जनता के सामने सच्चाई आती है, कांग्रेस नए-नए मुद्दों पर राजनीतिक नौटंकी कर अपनी जवाबदेही से बचने का प्रयास करती है। लेकिन छत्तीसगढ़ की जागरूक जनता अब कांग्रेस के छलावे में आने वाली नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जनहित के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। कांग्रेस को चाहिए कि वह प्रदेश की जनता से अपने कार्यकाल के निर्णयों पर जवाब मांगे जाने पर उत्तर दे, न कि भ्रम फैलाकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का असफल प्रयास करे।