तड़के 5 बजे औद्योगिक इलाके में पुलिस का ऑपरेशन सत्यापन!
- 300 प्रवासी मजदूरों की पहचान परेड, दस्तावेजों की खुली पड़ताल; सैकड़ों के फिंगरप्रिंट लिए, एक संदिग्ध से घंटों पूछताछ
जांजगीर-चांपा। औद्योगिक इकाइयों में रोजगार की तलाश में पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों की भीड़ के बीच जांजगीर-चांपा पुलिस ने सोमवार तड़के ऐसा अभियान छेड़ा कि बनाहिल का औद्योगिक क्षेत्र घंटों पुलिस की निगरानी में रहा। सुबह ठीक 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई करीब 12 घंटे तक चली। जेएसडब्ल्यू महानदी कंपनी लिमिटेड में पुलिस ने करीब 300 प्रवासी मजदूरों की पहचान परेड कराई। एक-एक कर दस्तावेज खंगाले गए, पहचान का सत्यापन हुआ और सैकड़ों मजदूरों के फिंगरप्रिंट तक लिए गए।
सवाल सिर्फ पहचान का नहीं, सुरक्षा का भी!
औद्योगिक क्षेत्रों में दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों की लगातार आवाजाही के बीच पुलिस की इस बड़े पैमाने की कार्रवाई ने कई सवालों को जन्म दिया है। आखिर कौन कहां से आया है? उसकी वास्तविक पहचान क्या है? उसके पास मौजूद दस्तावेज कितने प्रमाणिक हैं? और उसका पिछला रिकॉर्ड क्या है?
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने पुलिस ने भौतिक सत्यापन और दस्तावेज जांच का अभियान चलाया।
पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान एक मजदूर को संदेह के आधार पर चिन्हित किया गया। उससे अलग से पूछताछ की गई और उसकी पहचान तथा दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया गया। हालांकि, पुलिस ने संबंधित मजदूर के संबंध में किसी अपराध या आपराधिक संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।
सिर्फ कागज नहीं, उंगलियों के निशान भी रिकॉर्ड में
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस ने महज पहचान पत्र देखकर खानापूर्ति नहीं की। सैकड़ों मजदूरों के फिंगरप्रिंट लिए गए। यानी पुलिस ने मजदूरों की पहचान को अपने रिकॉर्ड में और पुख्ता करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
सुबह से शुरू हुई जांच के दौरान दस्तावेजों और पहचान संबंधी जानकारियों का सत्यापन किया गया। औद्योगिक परिसर में लंबे समय तक चली इस प्रक्रिया ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की गंभीरता को सामने ला दिया।
औद्योगिक क्षेत्रों पर पुलिस की पैनी नजर
जांजगीर-चांपा पुलिस ने साफ किया है कि यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है। जिले के औद्योगिक एवं अन्य क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों का भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस का यह अभियान इस बात का संकेत है कि अब औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की आवाजाही और उनकी पहचान को लेकर निगरानी और कड़ी की जा रही है।
एसपी के निर्देशन में पूरी टीम मैदान में
अभियान पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैण्डन यॉर्क के मार्गदर्शन और अकलतरा एसडीओपी डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में चलाया गया।
कार्रवाई में निरीक्षक जय कुमार साहू, पारस पटेल, धर्मेन्द्र वैष्णव, उप निरीक्षक विनोद जाटवर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सुरेश कुमार, अशोक वर्मा, सहायक उप निरीक्षक रामप्रसाद बघेल समेत अकलतरा, पामगढ़, मुलमुला, बलौदा थाना, पुलिस सहायता केंद्र कोटमीसोनार और एसटीएफ जांजगीर का पुलिस बल शामिल रहा।