कोटेश्वर धाम में विकास मरकाम ने किया रुद्राक्ष पौधे का वृक्षारोपण, बोले—हरियाली और पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी…
- सावन में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना
नगरी। सावन के पावन अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं आदिवासी स्वास्थ्य एवं औषधीय पादप बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन के अध्यक्ष विकास मरकाम ने गत दिवस धमतरी जिले के नगरी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं आस्था के केंद्र कोटेश्वर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
पूजा-अर्चना के पश्चात विकास मरकाम ने कोटेश्वर धाम परिसर में रुद्राक्ष पौधे का वृक्षारोपण किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
विकास मरकाम ने कहा कि रुद्राक्ष का पौधा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। कोटेश्वर धाम जैसे पवित्र स्थल पर रुद्राक्ष का पौधा लगाना उनके लिए आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि हम अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और संतुलित प्रकृति का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी को लगातार प्रोत्साहित किया है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी प्रकृति, वन एवं पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप जी भी वन संरक्षण, वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ऐसे अभियानों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना आवश्यक है।
मरकाम ने कहा कि केवल सरकारी स्तर पर प्रयास करने से पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। प्रत्येक परिवार यदि कम से कम कुछ पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प ले, तो सामूहिक रूप से इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ-साथ वृक्षारोपण को भी जनअभियान का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे सुंदर उपहार है।
अंत में उन्होंने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि महादेव की कृपा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक परिवार पर सदैव बनी रहे तथा छत्तीसगढ़ में सुख, शांति, खुशहाली, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वातावरण कायम रहे।

