केनाल रोड, चौक चौराहों का नामकरण, नये निगम कार्यालय भवन, गोकुल धाम एवं खेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर…
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की सामान्य सभा की बैठक सभागार कक्ष में प्रातः 11 बजे से सभापति गिरवर बंटी साहू के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महापौर नीरज पॉल, निगम आयुक्त सुरुचि सिंह, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह, महापौर परिषद सदस्यगण पार्षदगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पोर्टल प्रतिनिधि तथा निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सामान्य सभा में शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लेकर सदन में विस्तृत चर्चा एवं सवाल-जवाब हुए।
बैठक के दौरान केनाल रोड का नामकरण भगवान परशुराम एवं मां परमेश्वरी चौक किए जाने के प्रस्ताव पारित की गई। इसके साथ ही भिलाई शहर में प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नये निगम कार्यालय भवन के निर्माण से संबंधित विषय भी सदन में रखा गया, कार्यालय का जल्द भूमि पूजन कराने हेतु सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है।
निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा नागरिकों को पर्याप्त रोशनी की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर भी प्रस्ताव पारित की गई। सामान्य सभा में गोकुल धाम के संबंध में प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया, आगामी प्रक्रिया रोकने हेतु निर्णय लिया गया। इसके अलावा निगम क्षेत्र के विभिन्न भूखण्डों को 30 वर्षीय लीज पर दिए जाने से संबंधित विषय पर सदन में चर्चा हुई। सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोधी क्षत्रिय समाज के सामाजिक भवन के लिए भूमि प्रदान करने के प्रस्ताव पर भी सदस्यों ने अपने विचार रखे।
बैठक में प्रियदर्शिनी परिसर में 1000 सीटर ऑडिटोरियम निर्माण के साथ-साथ प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक एवं प्राकृतिक फुटबाल मैदान निर्माण जैसे महत्वपूर्ण खेल एवं सांस्कृतिक सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। सदस्यों द्वारा विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए गए तथा संबंधित विषयों की जानकारी प्राप्त की गई।
सामान्य सभा में चर्चा के उपरांत सदन ने शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी सहमति प्रदान की। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से भिलाई में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित होने की उम्मीद है।

