भिलाई। भिलाई महिला महाविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा आरंभ 1.0 एक सप्ताह उत्सव के अंतर्गत तथा माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (MBSI India) के सहयोग से ‘गट माइक्रोबायोम एवं मानव स्वास्थ्य’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. एस. के. इस्सर, विभागाध्यक्ष एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, कार्यकारी निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, भिलाई इस्पात संयंत्र, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, भिलाई उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. एस. के. इस्सर का हरित स्वागत किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस ने अपने स्वागत उद्बोधन में अतिथि वक्ता का अभिनंदन करते हुए कहा कि विशेषज्ञों द्वारा दिए जाने वाले ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को अपने विषय के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता डॉ. एस. के. इस्सर ने ‘गट माइक्रोबायोम एवं मानव स्वास्थ्य’ विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने मानव शरीर में उपस्थित सूक्ष्मजीव समुदाय, विशेष रूप से आंतों के माइक्रोबायोम की भूमिका तथा मानव स्वास्थ्य पर उसके प्रभावों के बारे में सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से जानकारी प्रदान की। उन्होंने संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली तथा आंतों के स्वास्थ्य के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान ने विद्यार्थियों में विषय के प्रति जिज्ञासा के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और अधिक विकसित किया।
इस अवसर पर जैव प्रौद्योगिकी एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भावना पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में गट माइक्रोबायोम का अध्ययन तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञों से सीधे संवाद करना उनके ज्ञान को व्यावहारिक एवं समसामयिक दृष्टिकोण प्रदान करता है। उन्होंने MBSI India के सहयोग एवं मुख्य वक्ता डॉ. एस. के. इस्सर के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली एवं सार्थक बनाया। विद्यार्थियों ने व्याख्यान को ध्यानपूर्वक सुना तथा विशेषज्ञ वक्ता से विषय से संबंधित महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम का सफल संचालन जैव प्रौद्योगिकी एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका सुश्री साधना गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की प्रत्येक गतिविधि का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन करते हुए अतिथि वक्ता, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंत में जैव प्रौद्योगिकी एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भावना पांडेय ने आभार प्रदर्शन करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. एस. के. इस्सर, MBSI India, महाविद्यालय की प्राचार्य, सभी विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के योगदान की सराहना की।
आरंभ 1.0 के अंतर्गत आयोजित यह विशेष व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अत्यंत उपयोगी रहा। इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, सूक्ष्मजीव विज्ञान एवं आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के बीच अंतर्संबंधों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल प्रस्तुत की।






