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वर्दी में आरक्षकों से बाथरूम सफाई कराने का आरोप, रक्षित निरीक्षक प्रदीप जोशी के खिलाफ कार्यवाही की मांग…

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जांजगीर-चांपा। जिला जांजगीर-चांपा पुलिस के रक्षित निरीक्षक प्रदीप जोशी के खिलाफ आरक्षकों से पुलिस ड्यूटी के बजाय बाथरूम सफाई का कार्य कराए जाने को लेकर शिकायत का मामला सामने आया है।

मामले से संबंधित सामने आए दो वीडियो में वर्दी पहने महिला पुलिसकर्मियों को झाड़ू लगाकर परिसर की सफाई करते हुए देखा जा सकता है। एक वीडियो में वर्दीधारी पुलिसकर्मी फर्श पर झाड़ू लगाता दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में रक्षित निरीक्षक के चेम्बर के अंदर बाथरूम में सफाई को दिखाया गया है।

आरोप यह है कि सफाई के लिए निर्धारित सफाई कर्मचारियों से कराया जाने वाला कार्य सीनियर आरक्षकों से कराया जा रहा है और उन्हें वर्दी में ही सफाई के कार्य में लगाया जा रहा है। इससे पुलिसकर्मियों के नियमित पुलिस दायित्व और उनके प्रशिक्षण के उपयोग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

सफाई और गलत काम से मना करने पर परेशान करने का एक और गंभीर आरोप है कि जो आरक्षक इस प्रकार के सफाई कार्य करने से मना करते हैं, उनके खिलाफ कथित तौर पर अनुशासनहीनता और अनुपस्थिति की रिपोर्ट डालकर उन्हें परेशान किया जाता है और आमद भी नही लिया जाता है और रक्षित निरीक्षक प्रदीप जोशी के द्वारा यह कहा जाता है कि काम खत्म करो फिर मैं चेक करूँगा उसके बाद अनुपस्थित से आमद लूँगा। अनुपस्थित पुलिस कर्मचारी से दबाव डालकर काम करवाना और आमद नही लेना बहुत गम्भीर विषय है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में यह भी जांच का विषय होगा कि क्या सफाई कार्य से इनकार करने पर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई या अनुपस्थिति दर्ज करने का कोई वैध आधार था। इन सभी कारणों से प्रदीप जोशी के खिलाफ जांजगीर जिले के पुलिसकर्मियों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। रक्षित केंद्र जांजगीर के CCTV फुटेज से मामले से सम्बंधित सभी बातें स्पष्ट हो पाएगी।

सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि दोनों वीडियो की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी कौन हैं, उन्हें किस अधिकारी के निर्देश पर सफाई कार्य में लगाया गया था और क्या इस प्रकार का कार्य पुलिसकर्मियों से कराया जाना विभागीय नियमों के अनुरूप है। कर्मचारियों का अनुपस्थित से आमद क्यों नही लिया जा रहा है और अनुपस्थित कर्मचारियों के किस अधिकार से काम करवाया जा रहा है। उज्जवल दीवान ने आगे कहा कि संगठन ने पुलिस महानिदेशक को अनुपस्थित कर्मचारियों का आमद तुरन्त लेकर अग्रिम विभागीय कार्यवाही करने हेतु पूर्व में ही पत्र दे दिया गया है लेकिन इसका पालन नही किया जा रहा है,

साथ ही, आरक्षकों पर सफाई कार्य करने से इनकार करने के कारण कथित रूप से अनुशासनहीनता और अनुपस्थित का रिपोर्ट डालकर कार्रवाई किए जाने के आरोप की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है तथा रक्षित केंद्र जांजगीर का CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

 

मामले में सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवँ परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने रक्षित निरीक्षक प्रदीप जोशी को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्यवाही करने की भी मांग की है यदि रक्षित निरीक्षक पर उचित कार्यवाही नही की जाएगी तो सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु आंदोलन के लिए बाध्य होगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है तथा पूरे छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।