जांजगीर-चांपा: संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ ने जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ रक्षित निरीक्षक के विरुद्ध सामने आए गंभीर आरोपों को लेकर तत्काल निलम्बन, निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक विभागीय कार्यवाही की मांग की है।
संघ द्वारा इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, कलेक्टर जांजगीर-चांपा एवं पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज को लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में 05 अक्टूबर 2026 को सामने आए समाचार एवं वीडियो का उल्लेख करते हुए रक्षित निरीक्षक के चेम्बर में महिला आरक्षकों से वर्दी में बाथरूम की सफाई एवं परिसर में झाड़ू-पोंछा करवाने के आरोपों की जांच की मांग की गई है। साथ ही सफाई कार्य से मना करने पर पुलिसकर्मियों को कथित रूप से परेशान करने एवं अनुपस्थित करने की बात भी शिकायत में उठाई गई है।
संघ ने मांग की है कि संबंधित वीडियो, CCTV फुटेज एवं पुलिसकर्मियों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक रक्षित निरीक्षक को निलंबित किया जाए। आरोप सत्य पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की भी मांग की गई है।
संघ ने प्रशासन को 09 अक्टूबर 2026 तक उचित एवं संतोषजनक कार्यवाही करने का आग्रह किया है। कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में 10 अक्टूबर 2026 को संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष श्री उज्जवल दीवान व जिला अध्यक्ष ज्योति (चोलेश्वरी वैष्णव) के नेतृत्व में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।
संघ अध्यक्ष उज्जवल दीवान व जिला अध्यक्ष ज्योति (चोलेश्वरी वैष्णव) ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के सम्मान, गरिमा एवं कार्यस्थल पर उचित व्यवहार सुनिश्चित कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना है।
उन्होंने कहा कि संघ शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा त्वरित उचित कार्यवाही की अपेक्षा करता है।



