पुलिस आरक्षक उज्जवल दीवान का गृह मंत्री विजय शर्मा को खुला चैलेंज! मुद्दों पर बहस की दी चुनौती, बोले– आप जगह और समय बताइए, हम आमने-सामने चर्चा के लिए तैयार हैं।
छत्तीसगढ़ की सियासत में खुली बहस को लेकर नई चर्चा!
छत्तीसगढ़ में पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर पुलिस आरक्षक एवं आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तारक उज्जवल दीवान ने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा को खुली चर्चा की चुनौती दी है।
उज्जवल दीवान ने कहा कि प्रदेश की जनता कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब चाहती है। पुलिस कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी समस्याओं से लेकर कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद, युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं और प्रदेश के विकास जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने गृह मंत्री को सीधी चुनौती देते हुए कहा—
“गृह मंत्री विजय शर्मा जी! आप स्थान और समय तय कर दीजिए। हम आपके बताए हुए स्थान और समय पर आपसे आमने-सामने बैठकर खुली चर्चा करने के लिए तैयार हैं। चर्चा किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि जनता के सामने होनी चाहिए, ताकि प्रदेश के लोग भी सवाल सुन सकें और जवाब जान सकें।” आप अन्य लोगों को मुद्दों पर बहस करने के लिए चैलेंज कर रहे हैं 1 बार मुझसे भी छत्तीसगढ़ के ज्वलन्त मुद्दों पर बहस कर लीजिए।
दीवान ने आगे कहा कि यह किसी व्यक्तिगत लड़ाई या राजनीतिक कटाक्ष का विषय नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य और जनता से जुड़े सवालों का विषय है। सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों और जनता की आवाज उठाने वालों के बीच मुद्दों पर खुली चर्चा लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है।
उन्होंने कहा कि वे पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों सहित प्रदेश के तमाम ज्वलंत मुद्दों को तथ्यों के साथ उठाना चाहते हैं।
अब निगाहें गृह मंत्री विजय शर्मा के जवाब पर हैं। क्या इस खुली चर्चा के लिए तारीख, समय और स्थान तय होगा?
उज्जवल दीवान का संदेश साफ है—
“सवाल जनता के हैं, मुद्दे छत्तीसगढ़ के हैं और चर्चा भी जनता के सामने होगी। गृह मंत्री जी, आप समय और स्थान बताइए, हम तैयार हैं!”
— उज्जवल दीवान
संगठन विस्तारक, आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़



