June 6, 2026

गड़बड़ी की सारी हदें पार,नाली निर्माण में गुणवत्ता को किया दरकिनार,जानिए पूरा मामला।

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नाली निर्माण के संबंध में इंजीनियर साहब को फ़ोन करने पर साहब का पहला जवाब-आपको मेरा नंबर कंहा से मिला।

बीजापुर-एक तरफ सरकार नागरिकों को अच्छी सुविधा देने के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है।उसके बाद भी निचले स्तर के अधिकारी कर्मचारी ठेकेदारों से मिली भगत कर सरकार को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

ताजा मामला बीजापुर जिले के उसूर विकाशखण्ड का है।यंहा बीच बस्ती में रोड में बन रही नाली निर्माण का है।नाली निर्माण डीएमएफ एवं नरेगा कन्वर्जेन्स (Convergence) मद से स्वीकृत है।डीएमएफ से 09 लाख 72 हज़ार एवं नरेगा कन्वर्जेन्स (Convergence) से 09 लाख 42 हज़ार कुल 19 लाख 14 हज़ार खर्च कर बालक आश्रम गलगम से बालक रेजिडेंशियल स्कूल तक सड़क के किनारे नाली का निर्माण किया जा रहा है।नाली निर्माण करने निर्माण एजेंसी को 03 लाख 50 हज़ार अग्रिम भुगतान भी कर दिया गया है।

ठेकेदार (निर्माण एजेंसी) द्वारा गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण में बन रहे नाली में नाम मात्र का सीमेंट लगाया जा रहा है।जिसमें रेत गिट्टी की मात्रा अधिक है।सीमेंट नाम मात्र मिलाया जा रहा है।कंक्रीट में लगने वाले छड़ में खेला चल रहा है,08 एमएम की जगह 06 एमएम का छड़ का उपयोग किया जा रहा है।निर्माण कार्य में लगे मजदूर मिस्त्रियों को बोलने पर उन्होंने कहा जैसा ठेकेदार ने कहा हमारे द्वारा वैसा ही कार्य किया जा रहा है,आप ठेकेदार से जानकारी ले लीजिए।

अगर नाली निर्माण में इस तरह घटिया सामग्री का उपयोग किया जाता है तो आने वाले बरसात के दिनों में भी नाली की चलने की संभावना नहीं है।सरकार द्वारा सरकारी तंत्र का उपयोग कर नाली निर्माण में नाली निर्माण का एस्टीमेट तैयार किया गया है।इंजीनियरों द्वारा प्राकलन तैयार कर लेआउट दिया गया है।नाली निर्माण का काम शुरू किया गया था उसके बाद चंद मुंशियों लेबरों के भरोसे काम का निर्माण जोरों से चल रहा है। जिसमें काम कर रहे मजदूरों के द्वारा गुणवत्ता को दरकिनार कर मनमानी पूर्वक काम करने का आरोप है।

गुणवत्ता का अभाव——

ग्रामीणों ने बताया कि नाली निर्माण में गुणवत्ता का अभाव है।जिस मानक में सरिया का इस्तेमाल किया जाना चाहिए उस हिसाब से सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया है। अगर इस तरह का नाली निर्माण किया गया तो नाली बनते ही उसमें दरारे आना चालू हो गई।जो भ्रष्टाचार की ओर इंगित कर रहा है।

मनमानी कहीं ग्रामीणों पर न पड़ जाए भारी—–

ग्रामीणों ने बताया कि नाली निर्माण में कार्यरत मजदूर कार्य स्थल पर मौजूद मुंशी द्वारा मनमानी पूर्वक कार्य कराया जा रहा है।जिसमें गुणवत्ता का ध्यान जरा भी नहीं रखा गया है।आने वाले दिनों में वह तो नाली बनाकर चले जाएंगे,लेकिन इसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ेगा।

मुख्य मार्ग पर भ्रष्टाचार—–

ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य मार्ग में चल रहे विकास कार्य पर खुलकर मनमानी कर रहे हैं तो ग्रामीण अंचल के भीतरी इलाके में किस कदर भ्रष्टाचार करते होंगे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।इसकी जांच करने उच्चाधिकारियों से मांग की जा रही है।

नाली निर्माण का कार्य देख रहे तकनीकी सहायक राजेन्द्र कुर्रे से गुणवत्ताहीन नाली निर्माण के संबंध में पूछने पर सब इंजीनियर साहब इसका काम देख रहे है आप उनसे जानकारी लीजिए कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया।

वंही सब इंजीनयर शमीम खान से फ़ोन पर जानकारी चाही गई तो सबसे पहले साहब का जवाब था आपको मेरा नंबर कंहा से मिला कहते हुए रौब दिखाने लगे।जब हमने कहा हम खबर के सिलसिले में नाली निर्माण की आपसे जानकारी लेने फ़ोन किये तब साहब थोड़ा नार्मल हुए और नाली निर्माण का काम तकनीकी सहायक के देख रेख में होने की बात कहते हुए वे भी अपना पल्ला झाड़ लिए।

अब सवाल यह उठता है नाली निर्माण का कार्य तकनीकी सहायक और सब इंजीनियर नही देख रहे है तो फिर गुणवत्ताहीन नाली का निर्माण किसके देख रेख में हो रहा है।