बेस्ट कैटिगरी में नॉमिनेट एक्ट्रेस को मिला सपोर्टिंग रोल का नैशनल अवॉर्ड, बोलीं- पेंशन नहीं है जो चुपचाप रख लूं…
मनोरंजन: साउथ एक्ट्रेस उर्वशी ने नैशनल अवॉर्ड जूरी पर अपना गुस्सा निकाला है। बेस्ट एक्ट्रेस कैटिगरी में नॉमिनेट होने के बाद भी उन्हें सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।
साउथ एक्ट्रेस उर्वशी 71वें नैशनल अवॉर्ड में सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिलने पर नाराज हैं। उन्हें फिल्म उल्लोझुक्कू के लिए यह सम्मान मिला है। फिल्म में उनके साथ पार्वती थिरुवोथु भी थीं। 56 साल की उर्वशी का कहना है कि क्या बेस्ट ऐक्ट्रेस अवॉर्ड का फैसला उम्र देखकर किया जाता है। बता दें कि वह और उर्वशी दोनों बेस्ट एक्ट्रेस कैटिगरी के लिए नॉमिनेट हुई थीं और उन्हें सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला है।
पेंशन नहीं है जो चुपचाप रख लूं
उर्वशी ने मनोरमा न्यूज से बातचीत कहा कि वह अवॉर्ड के लिए आभारी हैं लेकिन उनके रोल को ‘सपोर्टिंग’ बताने का लॉजिक नहीं समझ पा रहीं। उन्होंने सवाल किया, ‘एक्टिंग स्केल का कोई स्टैंडर्ड है क्या? या फिर एक उम्र के बाद आपको यही मिलता है?’ उर्वशी ने कहा कि इन अवॉर्ड को देने की मंशा ये होती है कि पाने वाला गर्व महसूस करे न कि बिना किसी एक्सप्लेनेशन के। उर्वशी ने सवाल किया, ‘ये कोई पेंशन का पैसा नहीं है जो चुपचाप रख लिया जाए। ये फैसले लिए कैसे जाते हैं। क्या क्राइटेरिया फॉलो होता है।’
पहले भी हो चुका है ऐसा
2006 में भी उर्वशी के साथ ऐसा ही हुआ था। उस समय उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था जबकि वह लीड रोल में थीं। उर्वशी बोलीं, पहले भी पॉलिटिक्स हुई थी लेकिन वह सिर्फ अच्छा सिनेमा बनाने में भरोसा रखती हैं। उर्वशी ने यूनियन मिनिस्टर सुरेश गोपी से इस मामले की जांच करके मलयालम सिनेमा को सही जगह दिलाने की अपील की।