डबल इंजन सरकार कब तक देगी राहत शहर के लीज नवीनीकरण प्रभावित वर्ग को राहत ?
विधायक सांसदके प्रयासों से उम्मीद जागी ज्ञानचंद जैन
भिलाई स्टील सिटी चेंबर आफ कामर्स भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने वैशाली विधानसभा के जुझारू विधायक रिकेश सेन द्वारा शहर की व्यापारिक समस्याओं को शीघ्र अति शीघ्र सुलझाय जाने का दिशा निर्देश ,मुख्य डायरेक्टर इंचार्ज भिलाई इस्पात संयंत्र को ,दिए जाने से शहर की व्यापारिक समस्याओं के निराकरण का मार्ग प्रशस्त होगा ऐसी अपेक्षा हम आपसे करते हैं भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स भिलाई का नेतृत्व नायक होने के नाते शहर के व्यापारियों की ओर से ,आपके प्रति आभार व्यक्त करता हूँ स्वीकार कीजिएगा ।।
हम सब आदरणीय भाई विजय बघेल जी सांसद दुर्ग के माध्यम से ,समस्याओं के निदान के लिए प्रयासरत हैं आपका भी सहयोग इसमें जुड़ जाने से व्यापारियों में खुशी का संचार हुआ है डबल इंजन की सरकार होने के कारण हम सब आसान्वित भी है ,केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि,पिछले 13 वर्षों से चली आ रही इस समस्या का एक सम्मानजनक हल निकालने में मददगार होंगे और शहर के प्रभावित,वर्ग को राहत देने में एक सशक्त भूमिका निभा सकेंगे ।
लीज लीजनवीकरण प्रकरण में शहर की सामाजिक, शैक्षणिक, व्यापारिक एवं धार्मिक सभी संस्थाएं प्रभावित है शासकीय संस्थान जो इससे प्रभावित है उसमें दूरसंचार पोस्ट ऑफिस बैंक बीमा पेट्रोल पंप यह सभी परेशान हैं क्योंकि शासकीय,अध्दर्र अशासकीय संस्था होने के कारण ,इनको लगता है हमारा भुगतान तो सरकार को करना रहा है हमें नहीं इसलिए साइलेंट रहते हैं लेकिन परेशान सभी है आपका यह प्रयास सभी को नया जीवन देगा और इस विषय को अंतिम लक्ष्य तक ले जाए मेरा यही निवेदन आपसे रहेगा ताकि शहर का व्यापार वापस लौट आए वर्तमान समय में न्यू सिविक सेंटर और सेक्टर 10 का बाजार समाप्त हो चुका है कोचिंग संस्थान के जिम्मेदार लोगों ने अपने वैशाली नगर और रिसाली क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया है शहर खाली हो रहा है दुखद विषय बना हुआ है शहर के लिए आदरणीय सांसद महोदय के द्वारा भी इस दिशा में लंबे समय से प्रयास जारी है इस्पात मंत्री से भी मुलाकात हुई है आश्वस्त किया है लेकिन समस्याओं का हाल फिलहाल नहीं है तात्कालिक परेशानियों की वजह से हमें के न्यायालय की शरण में भी हमें जाना पड़ा है सांसद विधायक ,एवं प्रेम प्रकाश पांडे के प्रयासो से नई दिशा मिलेगी ऐसा हमारा विश्वास।