March 7, 2026

विभाग की उदासीनता से सिलेंडरों से गैस चोरी,एजेंसी लोगों को तौलकर सिलेंडर नहीं दे रहे – आम आदमी पार्टी

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  • विभाग की उदासीनता से सिलेंडरों से गैस चोरी,एजेंसी लोगों को तौलकर सिलेंडर नहीं दे रहे -आम आदमी पार्टी*

रायपुर ,29 सितम्बर 2025। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने गैस सिलेंडर में हो रही गैस चोरी पर कहा है कि प्रदेश में एक भी गैस एजेंसी लोगों को तौलकर की डिलिवरी नहीं कर रही है। नियमों के अनुसार सिलेंडर पहुंचाने से पहले उसका तौल जरूरी है। लोगों के पास ये अधिकार है कि वे बिना तौला हुआ सिलेंडर लेने से मना कर सकते हैं। अक्सर शिकायतें मिलतीं हैं कि उनका सिलेंडर वजन में कम होता है। लेकिन आज तक खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों ने इस मामले में एक भी गैस एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। न ही किसी गैस एजेंसी को कभी इस मामले में कोई नोटिस दी गई है। यही वजह है कि एजेंसी वाले भी इस काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं। कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर उसे छोटे सिलेंडरों में भरकर बेचने के मामले में कई बार एफआईआर हुई है। जांच के दौरान ये साबित हो चुका है कि सिलेंडरों से गैस निकालकर चोरी की जा रही है।

पर संबंधित विभाग इस मामले में कोई ध्यान नहीं देता है।

 

गैस डिपो से निकलने के बाद टैंकरों से गैस निकालकर उसे सिलेंडरों में भरा जाता है, बाद में इसी सिलेंडरों को फर्जी तरीके से बेंच भी दिया जाता है। गैस एजेंसी वाले जानबूझकर इस नियम का प्रचार भी नहीं करते हैं। इसलिए लोगों को पता भी नहीं होता है कि उन्हें सिलेंडर तौलकर ही लेना है। ये आपके अधिकार हैं, इससे कोई इंकार नहीं कर सकता।

संजीत विश्वकर्मा प्रदेश संगठन मंत्री ने बताया कि

 

क्या है नियम :

• सिलेंडर लेते समय डिलिवरी ब्वॉय से कहें कि तौल कर सिलेंडर दें। वो इंकार नहीं कर सकता, क्योंकि यह नियम है।

• घरेलू सिलेंडर का कुल वजन 29.5 किलोग्राम का होता है। खाली सिलेंडर 15.3 और गैस 14.2 किलो ।

• डिलिवरी ब्वॉय वजन करने से मना करें तो आप सिलेंडर लेने से इंकार कर सकते हैं। उसे वजन करना ही होगा।

 

देविन्दर सिंह भाटिया प्रदेश सचिव ने बताया कि:-

गैस गोदामों से सिलेंडर लेकर निकलने वाले ऑटो वाले और डिलिवरी ब्वॉय ही इस तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं। वे गोदामों से सिलेंडर लेकर निकलने के बाद उसे किसी सुनसान जगह पर लेकर जाते हैं। वहां सिलेंडरों से गैस निकालने का पूरा साजो-सामान होता है। इस तरह के उपकरण से सभी सिलेंडरों से थोड़ी-थोड़ी गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों में भरी जाती है। इस काम के बदले कालाबाजारी करने वाले उन्हें एक निश्चित रकम देते हैं। प्रदेश में इनका सिंडीकेट भी सक्रिय है। ये लोग एजेंसियों में घूम-घूमकर ऐसे लोगों को सेट करते हैं। जो बाद में उनके लिए चोरी करते हैं।

 

गीतेश्वरी बघेल दुर्ग लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि

 

ओटीपी की समस्या:-

पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से अब सिलेंडरों की होम डिलिवरी तभी की जाती है जब ग्राहक ओटीपी बताता है। सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए यह नियम बनाया गया है। घरों में सिलेंडर पहुंचाने के पहले ग्राहक को ओटीपी भेजा जाता है। ग्राहक इस ओटीपी को डिलिवरी ब्वॉय को बताता है। अभी कई जगहों पर ग्राहकों के मोबाइल नंबर पुराने या अपडेट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में उनके पास कंपनी की ओर से भेजा ओटीपी मिलता ही नहीं है। इस पर डिलिवरी ब्वॉय उन्हें सिलेंडर देने से इंकार कर देता है। जब तक एजेंसी जाकर वे मोबाइल नंबर अपडेट या नया दर्ज नहीं करा देते घरों में सिलेंडर नहीं पहुंचता है। इस नए नियम से लोग काफी परेशान हो रहे हैं।

 

आम आदमी पार्टी जिला दुर्ग कमिटी के पदाधिकारी दिवाकर सिंह ठाकुर, रवि साहू, शिवा रायडू के कहा कि

सिलेंडर तौल कर या कम दे रहे हैं तो यहां करें शिकायत :

 

•सिलेंडर का वजन कम होने कर सकते हैं। विभाग के निरीक्षक पर सबसे पहले अपनी गैस के पास शिकायत करें। एजेंसी में शिकायत दर्ज कराएं।

• एजेंसी सुनवाई नहीं करती है तो ग्राहक टोल नंबर

18002333555 पर शिकायत करें।

• सादे कागज पर आवेदन बनाकर उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

• फिर भी समस्या हल नहीं होती https://pportal.gov.in/

• नाप-तौल विभाग में भी संपर्क पोर्टल पर शिकायत करें।

आम आदमी पार्टी को कहना है कि आम जनता के जब का पैसा गैस कम देकर लूटा जाता है इसलिए सरकार को खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों को सख़्ती से आदेश देना चाहिए कि वह आम जनता को कॉल कर ही गैस सिलेंडर देवें और यदि इसमें लापरवाही की जाती है तो सरकार संबंधित अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करे।