June 6, 2026

धमतरी के युवा किसान थनेंद्र साहू को राज्य स्तरीय “डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार” — जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने दी मिठाई खिलाकर बधाई…

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नगरी। जिले के कृषकों के लिए गर्व का अवसर तब आया जब ग्राम हथबंध (विकासखंड कुरूद) के युवा प्रगतिशील किसान श्री थनेंद्र साहू को उपराष्ट्रपति माननीय श्री सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा राज्य स्तरीय कृषक अलंकरण “डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा ने उन्हें मिठाई खिलाकर हार्दिक बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

श्री अरुण सार्वा ने इस अवसर पर कहा कि —

“श्री थनेंद्र साहू ने जैविक एवं औषधीय खेती के क्षेत्र में जो मिसाल पेश की है, वह न केवल धमतरी जिले बल्कि पूरे राज्य के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें गर्व है कि धमतरी के एक युवा किसान को राज्य स्तर पर यह सम्मान प्राप्त हुआ है।”

राज्य गठन के पश्चात यह पहला अवसर है जब धमतरी जिले के किसी किसान को डॉ. खूबचंद बघेल राज्य स्तरीय कृषक अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 33 वर्षीय युवा किसान थनेंद्र साहू ने महज 4.16 हेक्टेयर क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन और नवाचार से जैविक खेती का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। वे अपने खेतों में पारंपरिक धान के साथ-साथ सुगंधित नगरी दूबराज, देवभोग, तुलसी मंजरी जंवाफूल, कबीर भोग जैसी प्रजातियों के साथ पिछले सात वर्षों से औषधीय धान रेड राइस और ब्लैक राइस की खेती कर रहे हैं, जिनकी बाजार में विशेष मांग है। इनका चावल न केवल राज्य में बल्कि अन्य राज्यों में भी बिकता है।

 

श्री साहू प्राकृतिक खेती के सशक्त प्रवक्ता हैं। वे अपने खेत में गौ आधारित जैविक खाद जैसे जीवामृत, घनजीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशक नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र, आग्नेयास्त्र स्वयं तैयार करते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आती है और पर्यावरण पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता। उनके खेत के जैविक मॉडल से प्रेरित होकर रायपुर, दुर्ग, बालोद और गरियाबंद के किसान भी उनसे संपर्क कर जैविक तकनीक अपनाने लगे हैं।

 

साहू जी के खेत के मेड़ों पर दलहन और तिलहन फसलों की भी खेती होती है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है। वे पशुपालन और मशरूम उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर रहे हैं। उनके जैविक उत्पादों की बिक्री कृषि विभाग और अन्य विभागों द्वारा आयोजित मेलों में स्टॉल लगाकर की जाती है, साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी चावल और बीज की बिक्री की जा रही है।

 

कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने औषधीय धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु फार्म स्कूल का संचालन किया है, जिसमें 25 से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा भी जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।

 

ग्राम स्तर पर उन्होंने “नव युवक कृषक अभिरूचि समूह” का गठन कर युवाओं को जैविक खेती की दिशा में प्रेरित किया है। उनकी इस पहल से क्षेत्र के अनेक युवा किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक और औषधीय खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

 

इस उपलब्धि ने न केवल धमतरी का नाम रोशन किया है, बल्कि यह प्रमाणित किया है कि नवाचार, मेहनत और समर्पण से गांव का किसान भी राज्य स्तर पर पहचान बना सकता है।

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