दिल्ली ब्लास्ट के दोषी पाताल में भी छिपें तो पकड़ेंगे, सख्त सज़ा होगी: अमित शाह
- अमित शाह की अध्यक्षता में NRC बैठक: 8 राज्यों के CM हुए शामिल, कई बड़े मुद्दों पर हुआ मंथन!
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई NRC की 32वीं बैठक में 8 राज्यों के CM शामिल हुए. पोषण, शिक्षा, अपराध नियंत्रण और विकास पर अहम चर्चा हुई है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (NRC) की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की है. इस बैठक में क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई है. उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल हैं.
बैठक में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए. जैसे- मुख्यमंत्री: नायब सिंह सैनी (हरियाणा), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल), भगवंत मान (पंजाब), भजन लाल शर्मा (राजस्थान), तो वहीं उपराज्यपाल/प्रशासक: मनोज सिन्हा (जम्मू-कश्मीर), वी के सक्सेना (दिल्ली), गुलाब चंद कटारिया (पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक) थे. इतनी ही नहीं इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मौजूद थे.इसके साथ ही कई राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया
प्रमुख चर्चा के विषय
दरअसल, अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक में राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर के साझा हितों पर भी चर्चा हुई है. जैसे- पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली शामिल है. इसके आलावा अपराध और न्याय: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच और उनके तेजी से निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSC) का कार्यान्वयन.
शहीदों को श्रद्धांजलि
बैठक की शुरुआत में, 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्रीय परिषदें केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी मुद्दों और विवादों को सुलझाने तथा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करती हैं.
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद, राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत स्थापित पांच क्षेत्रीय परिषदों में से एक है. केंद्रीय गृह मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, जबकि सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं.