रोहित शेट्टी केस: एसटीएफ ने जिन पांच युवकों को किया गिरफ्तार, स्थानीय स्तर पर एक भी केस नहीं; उठे ये सवाल…
फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग केस के मामले में एसटीएफ ने जिन पांच युवकों को गिरफ्तार किया है, उन पर स्थानीय स्तर पर कोई भी केस नहीं है। ऐसे में इतनी बड़ी वारदात के आरोप में गिरफ्तार इन युवकों के परिजन ही नहीं, बल्कि पड़ोसी भी हैरान हैं।
आगरा के बाह के बिजाैली की गलियों और चाैराहों पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क से स्थानीय युवकों का जुड़ाव चर्चा का विषय बना है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग प्रकरण में गिरफ्तार किए गए बाह के पांचों युवकों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर अपराध की एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं है। पड़ोसियों का भी कहना है कि पांचों युवक ऐसे नहीं थे। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की कहानी आरोपी युवकों के परिजन ही नहीं, बल्कि पड़ोसियों के भी गले नहीं उतर रही है। पांचों युवकों को साजिशन फंसाए जाने की बात कही जा रही है।
फिल्म निर्माता निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू मुंबई स्थित घर के बाहर 31 जनवरी की रात हुई फायरिंग प्रकरण में मुंबई क्राइम ब्रांच, हरियाणा एसटीएफ ने 15 फरवरी को झज्जर से बिजौली के दीपक शर्मा, रितिक यादव, सनी जाटव, सोनू पुरवंशी की गिरफ्तारी की थी। विष्णु कुशवाह को बिजौली स्थित घर से यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था।
क्राइम ब्रांच एवं एसटीएफ के मुताबिक दीपक शर्मा विदेश में बैठे हरि बॉक्सर के संपर्क में था। उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग कराई थी। वारदात के पीछे शुभम लोनकर गिरोह का हाथ है। बिजौली के सनी जाटव और सोनू पुरवंशी ने उनके घर के बाहर रेकी की थी, जबकि गांव के रितिक यादव ने दीपक और उसके साथियों की छिपने में मदद की थी। मुंबई क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए विष्णु कुशवाह का नाम पिछले दिनों कैंजरा रोड पर हुई मोबाइल छिनैती में सामने आया था, जो थाने के बाहर ही निपट गया था। प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया बाह के पुलिस रिकाॅर्ड में पांचों में से किसी का नाम दर्ज नहीं है।
बेगुनाह हैं हमारे बच्चे, साजिशन फंसाया गया
मुंबई क्राइम ब्रांच की कहानी परिजन के गले भी नहीं उतर रही। रितिक यादव के दादा रामजी कहते हैं कि बेटा झज्जर गुरुग्राम की कंपनी में सुपरवाइजर है। ड्यूटी स्थल से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। वह निर्दोष है। वहीं दीपक शर्मा की मां विद्यावती कहती हैं कि जब बेटा दिल्ली के होटल में काम करता है, तो मुंबई कैसे पहुंच गया? बेटे को फंसाया गया है। सोनू पुरवंशी के पिता विनोद कुमार ने भी बेटे को साजिशन फंसाए जाने की बात कही है। कुछ ऐसा ही कहना है कि विष्णु कुशवाह के पिता सूरजपाल का। सनी की दादी प्रेमा देवी बोलीं कि उनका नाती दिल्ली में फल बेचता है, मुंबई कैसे पहुंचा? बिजौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप वर्मा, पूर्व प्रधान इदरीश ने बताया कि गिरफ्तार हुए युवकों की घर की दयनीय हालत गवाही दे रही है कि उन्हें साजिशन फंसाया गया है। जांच एवं कार्रवाई होनी चाहिए। दोषी हों, तो सजा मिले। निर्दोष हों तो रिहाई हो, जिससे परिवारों का सहारा न छिने। इन दिनों बिजौली के गली-चाैराहों पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क से स्थानीय युवकों के जुड़ाव की चर्चा आम है।
हाथ जोड़कर मदद की गुहार लगा रहे परिवार वाले
मुंबई क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए बिजौली के युवकों के कुछ परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जब भी कोई घर के दरवाजे पर दस्तक देता या फिर गली से गुजरता है, प्रभावित परिजन हाथ जोड़ लेते हैं। उनके मुंह से एक ही शब्द फूटता है कि बेटा निर्दोष है, मदद के लिए सामने वाले का मुंह ताकने लगते हैं। सनी जाटव की गिरफ्तारी से उसकी दादी प्रेमा देवी टूट गई हैं। वह दिन भर घर के दरवाजे पर बैठी रहती हैं। कोई दरवाजे पर आए या फिर घर के सामने से निकले, वह लाचारी में हाथ जोड़ लेती हैं। मदद की गुहार लगाते हुए कहती हैं कि बेटा राकेश पल्लेदारी करता था। वह दिव्यांग हो गया है। सनी जाटव दिल्ली में सब्जी बेचता था। अपनी मां नवनीत और पिता को साथ रखता था। उनके लिए भी बुढ़ापे का सहारा था। उनके घर पर होने वाली हर दस्तक पर बस्ती के लोग पहुंच जाते हैं, कहते हैं कि सनी ऐसा नहीं था। कुरेदे जाने पर चुप्पी साध जाते हैं।