खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त बीज-खाद उपलब्ध…
- सहकारी समितियों से किसानों ने अब तक 4 हजार 710.68 मीट्रिक टन खाद और 4 हजार 223.80 क्विंटल बीज का किया उठाव
- उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी
- किसानों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
गरियाबंद, 10 जून 2026/ खरीफ की तैयारी शुरू होते ही किसानो द्वारा सहकारी समितियों से जोर शोर से बीज-खाद का उठाव किया जा रहा है। अब तक किसानों द्वारा जिले में 4 हजार 710.68 मिट्रिक टन खाद एवं 4 हजार 223.80 क्विंटल बीज का उठाव सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा चुका है। जिले के समस्त सहकारी समितियों में खरीफ वर्ष 2026 के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज खाद का भण्डार उपलब्ध है।
वर्तमान में सहकारी क्षेत्रों में यूरिया-7685 डीएपी-1947, एसएसपी-2526, एमओपी-1612 एवं एनपीके-2316 कुल-16086 मिट्रिक टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनों यूरिया 10 हजार 511 बॉटल एवं नैनों डीएपी 8 हजार 323 बॉटल भण्डारित है। इसी प्रकार 14226.10 क्ंिवटल, बीज जैसे एमटीयू-1156, 1153, 1001, 1010, महामाया, स्वर्णा, स्वर्णा सब-1 आदि का भण्डारण किया जा चुका है। उर्वरक का वितरण शासन के निर्धारित मापदण्डों के आधार पर विगत वर्ष वितरित युरिया का 80 प्रतिशत मात्रा एवं डी.ए.पी. की 60 प्रतिशत मात्रा के साथ साथ किसानो के आवश्यकता अनुसार पर्याप्त मात्रा में सिंगल सुपर फास्फेट, एन.पी. के. पोटाश, नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी. आदि वितरण किया जा रहा है।
यूरिया के अतिरिक्त अन्य उर्वरको यथा डी.ए.पी., सिंगल सुपर फास्फेट, एन.पी.के., पोटाश का वितरण सभी वर्ग के कृषको को एकमुश्त किया जा रहा है तथा यूरिया का वितरण सीमांत किसानो को एकमुश्त एवं लघु व दीर्घ किसानो को रकबा के आधार पर दो अथवा तीन किस्त में किया जा रहा है। उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने एवं जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से निगरानी दलो का गठन किया गया है। गठित दल द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सतत् निरीक्षण किया गया जा रहा है तथा अनियमितता पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध, लाईसेंस निलंबन एवं जब्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिले के समस्त समितियों में जिसका किसानो द्वारा बीज एवं खाद का सतत् उठाव किया जा रहा है।
कलेक्टर बीएस उइके ने जिले के समस्त किसान भाईयों से अपील की है कि वे कोई भी अफवाहों तथा भ्रामक खबरों पर ध्यान ना दे तथा किसी भी समस्या कि स्थिति में संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति अथवा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष से सीधे सम्पर्क करें।
जिले के चार विकासखंडों में शुरू होगी एआई आधारित प्रतियोगी परीक्षा अकादमी
एसएससी, व्यापम और रेल्वे की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक मार्गदर्शन
12 जून को कैरियर काउंसलिंग सेमिनार वन विभाग के ऑक्सन हॉल में होगी आयोजित
22 जून से शुरू होंगी नियमित कक्षाएं
गरियाबंद, 10 जून 2026/ जिले के मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक तैयारी कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री बी.एस. उइके के मार्गदर्शन में जिले के चारों विकासखंड गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग और फिंगेश्वर में रेस रत्नगर्भा अकादमी फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की शुरुआत की जा रही है। इस अकादमी के माध्यम से विद्यार्थियों को एसएससी, सीजी व्यापम, रेल्वेे , अग्निवीर सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली से कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बड़े शहरों जैसी प्रतियोगी परीक्षा तैयारी की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करा रहे है। ताकि आर्थिक और भौगोलिक कारणों से किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा प्रभावित न हो। अकादमी में विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज, करियर मार्गदर्शन तथा एआई आधारित व्यक्तिगत सीखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुरूप तैयारी करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
कलेक्टर श्री उइके ने जिले के विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए सही मार्गदर्शन और नियमित तैयारी अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार, 12 जून 2026 को सुबह 10 बजे ऑक्सन हॉल, वन परिसर, गरियाबंद में कैरियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया है। सेमिनार में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर विकल्पों तथा अकादमी की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। जिला प्रशासन ने जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सेमिनार में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ लेने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि रेस रत्नगर्भा अकादमी फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की नियमित कक्षाएं 22 जून 2026 से प्रारंभ होंगी। अकादमी के माध्यम से जिले के युवाओं को प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा, जिससे वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। इस संबंध में विद्यार्थी अपना पंजीयन कराने के लिए मोबाइल नंबर 81303-36675, 90983-02971 और 90989-31525 में संपर्क कर सकते है।
फीट इंडिया मूवमेंट के तहत गरियाबंद में निकली गई सायकल रैली
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं स्कूली बच्चों ने लिया भाग
स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
गरियाबंद 10 जून 2026/ जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा फीट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत 10 जून 2026 को जिला मुख्यालय गरियाबंद में सायकल रैली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, उपाध्यक्ष आसिफ मेमन ने सायकल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सायकल रैली कार्यक्रम में पार्षद श्रीमती मधु देवांगन, श्रीमती रेणुका साहू, प्रकाश सोनी, सुमित पारख, भानू राजपूत तथा अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करन उइके, डीएसपी गोपाल वैश्य, सुशील मलिक, मंजूलता राठौर, सीएमओ श्रीमती संध्या वर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। सायकल रैली में स्कूली बच्चंे, खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों तथा अधिकारी- कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सायकल चलाते हुए नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा प्रदूषण मुक्त वातावरण के प्रति नागरिकों को जागरूक किया।
सायकल रैली गांधी मैदान से प्रारंभ होकर शारदा चौक होते हुए गौरवपथ भूतेश्वरनाथ रोड की ओर आगे बढ़ा। लगभग 1 किलोमीटर का सफर तय कर रैली राइजिंग स्टार इंग्लिश मीडियम स्कूल के पास गौरवपथ रोड के अंतिम बिंदु पर पहुँची। वहाँ से मुड़कर सभी सायकल सवार अनुशासित तरीके से वापस गांधी मैदान लौटे, जहाँ इस आयोजन का समापन किया गया। रैली के दौरान रास्ते में सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिखी राम यादव ने कहा कि सायकल के नियमित उपयोग से स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। यह आयोजन भारत सरकार के फिट इंडिया मूवमेंट के तहत किया गया है, जिसमें नागरिकों के फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता एवं नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर अतिथियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उपस्थित स्कूली बच्चंे, खिलाड़ियों एवं नागरिकों को भी संबोधित करते हुए कहा कि सायकल चलाना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। सायकल एक पर्यावरण अनुकूल एवं स्वास्थ्यवर्धक परिवहन का साधन है। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों, व्यायाम शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान ब्लॉक नोडल संजीव साहू, गिरीश शर्मा, महेन्द्र यादव, नंदकुमार रात्रे, दानवीर साहू, होरी साहू उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने दी 7 करोड़ की एनीकट परियोजना को स्वीकृति
सुपेबेड़ा क्षेत्र में खुशी की लहर
गरियाबंद, 10 जून 2026/ जिले के देवभोग विकासखंड अंतर्गत सुपेबेड़ा गांव में वर्षों से किडनी रोग की गंभीर समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री द्वारा सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में तेल नदी पर प्रस्तावित एनीकट निर्माण कार्य को लगभग 7 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की गई है।
सुपेबेड़ा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण किडनी रोग से प्रभावित हुआ करता था। पिछले वर्षों में कई लोगों की असामयिक मृत्यु भी हो चुकी है। समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा फ्लोराइड एवं आर्सेनिक रिमूवल सहित विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सुपेबेड़ा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत इंटेक वेल, पाइपलाइन एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। सतही जल की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा ग्राम सेन्दमुड़ा के समीप तेल नदी पर एनीकट निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल किया गया है। प्रस्तावित एनीकट की लंबाई 275 मीटर तथा ऊंचाई 3 मीटर होगी, जिससे लगभग 0.405 एमसीएम जल का संग्रहण संभव होगा।
परियोजना के पूर्ण होने से सुपेबेड़ा समूह जल प्रदाय योजना को वर्ष भर सतही जल उपलब्ध हो सकेगा। इससे पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ होने के साथ-साथ क्षेत्र में भू-जल स्तर में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तथा कृषि एवं उद्यानिकी कार्यों को भी लाभ मिलेगा। इंटेक वेल के आसपास वर्ष भर नमी एवं जलभराव बने रहने से भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
अनुसूचित क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्रों में प्रवेश प्रारंभ
दुर्ग और जगदलपुर स्थित आवासीय केन्द्रों में मिलेगा अध्ययन व छात्रवृत्ति का लाभ
पात्र विद्यार्थी 15 दिनों के भीतर आवेदन कर आदिवासी विकास कार्यालय में जमा करें
एससी एवं एसटी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य
शिक्षण केन्द्रों में प्रवेश का अवसर
गरियाबंद, 10 जून 2026/ कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्रों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्र (कन्या) जिला दुर्ग तथा विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्र (बालक) जिला मुख्यालय जगदलपुर (बस्तर) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पात्र विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी पात्र होंगे जो प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत हों, अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हों तथा कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण किए हों। साथ ही विज्ञान अथवा वाणिज्य विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक हों। पात्र विद्यार्थियों को विभाग के साथ एक अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा। जिसमें विज्ञान अथवा वाणिज्य विषय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं बी.एड. की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देने की सहमति देनी होगी।
पात्रता की शर्तें पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः बालकों के लिए जगदलपुर तथा बालिकाओं के लिए दुर्ग स्थित शिक्षण केन्द्रों में अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा। अस्थायी प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार जिला मुख्यालय अथवा आसपास संचालित शासकीय या मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विज्ञान अथवा वाणिज्य विषय की स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में 15 दिनों के भीतर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान संस्था के प्रशासकीय अधिकारी एवं संबंधित सहायक आयुक्त द्वारा विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा। नियमित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान एवं वाणिज्य विकास केन्द्र में स्थायी प्रवेश प्रदान किया जाएगा। स्थायी प्रवेश के पश्चात वे योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाने वाली छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधा एवं अन्य लाभों के पात्र होंगे। योजना के अनुसार स्नातक स्तर पर एक बार अनुत्तीर्ण होने पर विद्यार्थी को एक वर्ष तक पुनः शासकीय व्यय पर अध्ययन की सुविधा मिलेगी। दोबारा अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में आगामी एक वर्ष तक विद्यार्थी को स्वयं के व्यय पर अध्ययन करना होगा। किसी भी स्थिति में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम चार वर्ष तक छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
योजना के तहत पात्र छात्राओं को विज्ञान विकास केन्द्र (कन्या) दुर्ग तथा छात्रों को विज्ञान विकास केन्द्र (बालक) जगदलपुर में आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थी वर्ष 2026-27 में जिला मुख्यालय अथवा आसपास संचालित शासकीय अथवा मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में बी.एससी. गणित, विज्ञान अथवा बी.कॉम. प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है। आदिवासी विकास विभाग ने इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अपने आवेदन कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास), गरियाबंद के कक्ष क्रमांक-56 में जमा करें। अधिक जानकारी के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
सुरसाबांधा में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर विशेष ग्राम सभा आयोजित
ग्रामीणों को चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण एवं स्वच्छता नियमों की दी गई जानकारी
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया गया वृक्षारोपण
गरियाबंद, 10 जून 2026/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को कचरा मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में तेजी आ गई है। इसी कड़ी में ग्राम सुरसाबांधा में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सलाहकार ने ग्रामीणों से सीधे रूबरू होकर स्वच्छता नियमों और प्रबंधन की जानकारी साझा की। इस दौरान जिला सलाहकार परवेज हनफी ने सुरसाबांधा में स्थापित गोबरधन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट के संचालन और उससे होने वाले लाभों को लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत गांव में वृक्षारोपण भी किया गया और ग्रामीणों को पौधों की देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया।
ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों पर ग्रामीणों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। जिला सलाहकार ने गांव को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए सभी से 04 प्रकार के कचरे गीला, सूखा, सेनेटरी और विशेष देखभाल बाला कचरा को घर पर ही अलग-अलग करने की आदत डालने की अपील की। उन्होंने समझाया कि अगर कचरे को शुरुआत में ही अलग कर लिया जाए, तो उसका निपटान और रिसाइक्लिंग बेहद आसान हो जाती है। इस दौरान ग्रामीणों ने स्वच्छता को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कचरा प्रबंधन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों की इस सजगता और उत्साह को देखकर जिला सलाहकार बेहद खुश हुए।
ग्रामीणों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, आप लोगों के जैसा जागरूक ग्रामीण अगर हर गांव में हो, तो हमारे जिले को पूरी तरह स्वच्छ और आदर्श बनने में जरा भी समय नहीं लगेगा। सुरसाबांधा ने स्वच्छता की जो राह चुनी है, वह बाकी गांवों के लिए भी प्रेरणादायी है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच घनश्याम साहू, सचिव धरम साहू, विकासखंड समन्वयक रेवती रमण साहू वार्ड पंच अन्य प्रतिनिधि, स्वच्छाग्रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे, जिन्होंने गांव को कचरा मुक्त और हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।








