भिलाई महिला महाविद्यालय में एआईसीटीई-अटल एफडीपी “वर्तमान परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” सफलतापूर्वक संपन्न…
भिलाई, 22 अगस्त 2026। भिलाई महिला महाविद्यालय, भिलाई में AICTE Training and Learning (ATAL) Academy, AICTE, नई दिल्ली के प्रायोजन से आयोजित छह दिवसीय ऑफलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम “Role of Artificial Intelligence in Present Scenario” दिनांक 17 से 22 अगस्त 2026 तक अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा माइनिंग एवं विभिन्न एआई टूल्स की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके प्रभावी एवं व्यावहारिक उपयोग के लिए सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस के मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में तथा एफडीपी समन्वयक डॉ. भावना पांडेय एवं सह-समन्वयक श्री दीपक दास माणिकपुरी के कुशल संयोजन में किया गया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अमित कुमार धर, एसोसिएट प्रोफेसर, IIT भिलाई की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर श्री अरविंद जैन, चेयरमैन, भिलाई महिला महाविद्यालय एवं श्री सुरेंद्र गुप्ता, सचिव, भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ. धर ने वर्तमान परिदृश्य में एआई की भूमिका पर व्याख्यान दिया, जबकि श्री अभिनव क्लॉडियस, फाउंडर एवं सीईओ, एआई मंत्रास ने एआई के व्यावहारिक पक्ष पर जानकारी दी। श्री अविनाश सिन्हा, ऑपरेशंस हेड, एआई मंत्रास द्वारा मास्टर ट्रेनर के रूप में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया।
दूसरे दिवस डॉ. आनंद ताम्रकार, विभागाध्यक्ष, एसएसआईपीएमटी ने “डेटा माइनिंग के माध्यम से बुद्धिमत्तापूर्ण विश्लेषण” विषय पर तथा डॉ. ज्योति पिल्लई, प्रोफेसर, बीआईटी दुर्ग ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग” विषय पर व्याख्यान दिया। इसके साथ श्री अभिनव क्लॉडियस एवं श्री अभिनव सिन्हा द्वारा प्रॉम्प्ट तैयार करने की कला पर विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
तीसरे दिवस टेकचेरी प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक श्रीमती तनुश्री गुहा एवं संस्थापक श्री राजेश चतुर्वेदी ने “विभिन्न कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण एवं उनके अनुप्रयोग” विषय पर तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, माउंट आबू की सुश्री गीता दीदी एवं सुश्री प्राची बहन ने “पीस विद मिस्ट्री” विषय पर सत्र लिया, जिसमें आंतरिक शांति एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि पर सार्थक चर्चा हुई।
चौथे दिवस श्री सुरेंद्र गुप्ता, सचिव, भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट ने “वर्तमान शिक्षा प्रणाली में एआई का हस्तक्षेप” विषय पर तथा इन्नोडीड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के लीड एआई एवं बैकएंड इंजीनियर श्री रवि साहू ने “सिस्टम डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी” विषय पर व्याख्यान दिया। सह-समन्वयक श्री दीपक दास माणिकपुरी ने NotebookLM एवं Gamma सहित विभिन्न एआई उपकरणों का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया।
पांचवें दिवस प्रतिभागियों के लिए नेहरू नगर स्थित टेक्नो पार्क का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया, जिसमें एचआर सुश्री श्रुति बजाज ने मार्गदर्शन किया। तत्पश्चात श्री अभिनव क्लॉडियस द्वारा हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण तथा सिद्धाचलम प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर की निदेशक डॉ. भावना जैन द्वारा “रिवॉल्यूशनाइजिंग रिसर्च: एआई पावर्ड सॉल्यूशंस एंड इनसाइट्स” विषय पर सत्र आयोजित किया गया।
छठवें एवं अंतिम दिवस डॉ. एच. एस. होता, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग विभाग, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने “शिक्षण, अधिगम एवं शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर व्याख्यान दिया। दोपहर 3 से 4 बजे तक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. अजय सिंह, प्राचार्य, शासकीय वी.वाई.टी. पी.जी. स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग रहे। उन्होंने एआई के मानवीय विवेक, नैतिकता एवं जिम्मेदारी के साथ संतुलित उपयोग पर बल दिया। एफडीपी समन्वयक डॉ. भावना पांडेय ने सातों दिनों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सभी संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
छह दिवसीय कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों का संचालन सुश्री भाविका मिश्रा, सुश्री ज्योति शर्मा एवं डॉ. रीना शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एफडीपी समिति के सभी सदस्यों — डॉ. भावना पांडेय, श्री दीपक दास माणिकपुरी, डॉ. रीना शुक्ला, श्रीमती भाविका मिश्रा एवं सुश्री ज्योति शर्मा — का विशेष योगदान रहा।
महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह छह दिवसीय एफडीपी शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा शिक्षण, शोध एवं प्रशासनिक कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार एवं प्रभावी उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई है।


