जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त उपभोक्ता : वितरण केंद्र पुरूर में विद्युत शिकायत निवारण एवं उपभोक्ता अधिकारों पर मंथन…
27 अगस्त 2026 – विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, शिकायत निवारण की प्रक्रिया, आधुनिक विद्युत तकनीक तथा उपलब्ध शिकायत निवारण मंचों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित “विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया संबंधी सेमिनार” गुरुवार को पुरूर में सम्पन्न हुआ। सेमिनार में विद्युत उपभोक्ता फोरम दुर्ग के अध्यक्ष श्री पी व्ही संजीव सर ने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया के साथ-साथ बिजली उत्पादन से लेकर पारेषण, वितरण और अंततः उपभोक्ता के घर तक बिजली पहुंचने की पूरी व्यवस्था को विस्तारपूर्वक समझाया। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम दुर्ग के संयोजन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, बालोद के सौजन्य से आयोजित इस सेमिनार में विद्युत उपभोक्ता फोरम दुर्ग के अध्यक्ष, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ एवं विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ता केवल बिजली का बिल चुकाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्युत व्यवस्था का महत्वपूर्ण और जागरूक हितधारक है। इसलिए उपभोक्ता को अपने अधिकारों के साथ-साथ यह जानकारी भी होनी चाहिए कि बिजली किस प्रकार उत्पादित होती है, किस तरह पारेषित एवं वितरित होकर उसके घर तक पहुंचती है तथा विद्युत सेवा से संबंधित शिकायत होने पर उसका समाधान किस व्यवस्था के माध्यम से कराया जा सकता है।
सेमिनार में फोरम के अध्यक्ष श्री पी व्ही संजीव, एई गुरूर श्री एच के यादव एवं गुरूर ब्लॉक के सभी कनिष्ठ अभियंता ने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम एवं विद्युत लोकपाल (Ombudsman) की भूमिका और कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझाया। विशेषज्ञों ने बताया कि शिकायत के प्रारंभिक स्तर पर समाधान नहीं होने की स्थिति में उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अगले शिकायत निवारण मंच का उपयोग कर सकता है। इसके साथ ही निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का निराकरण नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध क्षतिपूर्ति के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। श्री सजीव ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उपभोक्ता हितों की रक्षा तथा विद्युत क्षेत्र में नियामकीय व्यवस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला। जानकारी देते हुए नियामक आयोग की भूमिका एवं विवाद समाधान की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया एवं तकनीकी पहलुओं पर उपभोक्ताओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि विद्युत संबंधी शिकायतों को प्रारंभिक स्तर पर किस प्रकार दर्ज कराया जा सकता है और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों आवश्यक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि शिकायत दर्ज कराते समय सही उपभोक्ता विवरण एवं समस्या से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि शिकायत का परीक्षण एवं निराकरण प्रभावी ढंग से किया जा सके।
सेमिनार के महत्वपूर्ण सत्र “Know Your Bill” में CGRF दुर्ग के अध्यक्ष श्री पी.वी. सजीव ने विद्युत बिल में दर्ज विभिन्न विवरणों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने उपभोक्ताओं को अपने बिल की जानकारी ध्यानपूर्वक देखने तथा बिलिंग से संबंधित किसी भी विसंगति की स्थिति में समय पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी तथा अधिकारों एवं शिकायत निवारण के उच्चतर मंच की जानकारी दी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा उपलब्ध वैधानिक शिकायत निवारण व्यवस्था का उचित उपयोग करने का आग्रह किया। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए संबंधित प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत मे एई श्री यादव ने आभार प्रदर्शन किया।
